गुजरात दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौराष्ट्र में स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग – सोमनाथ महादेव के दर्शन और पूजन किए। इससे पहले, प्रधानमंत्री गुजरात के कई अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सोमनाथ महादेव के शिवलिंग का अभिषेक भी किया। खबरों के अनुसार, पीएम मोदी सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे।
इससे पहले, प्रधानमंत्री तीन दिवसीय दौरे के तहत शनिवार शाम जामनगर पहुंचे थे। उनके कार्यक्रम के अनुसार, वे गिर जिले में स्थित सासन गिर नेशनल पार्क भी जाएंगे और जंगल सफारी का आनंद लेंगे।
पीएम मोदी का गिर राष्ट्रीय उद्यान दौरा
सोमनाथ महादेव के दर्शन से पहले, प्रधानमंत्री ने रविवार को रिलायंस फाउंडेशन के पशु बचाव और पुनर्वास केंद्र ‘वनतारा’ का दौरा किया। 3 मार्च को वे गिर राष्ट्रीय उद्यान में जंगल सफारी के साथ अपने दिन की शुरुआत करेंगे। जंगल सफारी से लौटने के बाद, पीएम मोदी वन्यजीव संरक्षण से जुड़े अहम मुद्दों पर एक बैठक की अध्यक्षता भी करेंगे।
वन्यजीव संरक्षण पर पीएम मोदी की बैठक
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें वन्यजीव संरक्षण से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर चर्चा होगी। इस बोर्ड में 47 सदस्य शामिल हैं, जिनमें सेना प्रमुख, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, वन्यजीव विशेषज्ञ और इस क्षेत्र में काम करने वाले गैर-सरकारी संगठनों के सदस्य शामिल हैं। एनबीडब्ल्यूएल के पदेन अध्यक्ष स्वयं प्रधानमंत्री होते हैं।
सोमनाथ मंदिर और पीएम मोदी की आस्था
सोमनाथ न केवल प्रधानमंत्री मोदी के गृह राज्य में स्थित है, बल्कि यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है। इस मंदिर के प्रति उनकी आस्था का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक वे 163 से अधिक गणेश प्रतिमाएं सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट को सौंप चुके हैं। ये प्रतिमाएं उन्हें विभिन्न यात्राओं के दौरान उपहारस्वरूप प्राप्त हुई थीं, जिन्हें बाद में ट्रस्ट के अधीन श्रीराम मंदिर में स्थापित किया गया है।
सोमनाथ: आस्था और आध्यात्मिकता का केंद्र
सोमनाथ सनातन परंपरा का एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, जहां भगवान महादेव के साथ-साथ श्रीकृष्ण की लीलाओं का भी विशेष महत्व है। माना जाता है कि यही वह स्थान है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी इहलीला समाप्त की थी और उनके बड़े भाई बलराम ने पाताल लोक गमन किया था। इन धार्मिक स्थलों को ध्यान में रखते हुए, सोमनाथ को एक आध्यात्मिक तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालु यहां पहुंचकर इन सभी पवित्र स्थलों के दर्शन कर सकें।






