पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में एक बड़ा खुलासा सामने आया है। खुफिया एजेंसियों की मानें तो आतंकी कटड़ा से श्रीनगर के लिए चलने वाली पहली वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को निशाना बनाना चाहते थे। लेकिन जब खराब मौसम की वजह से प्रधानमंत्री की यह यात्रा स्थगित कर दी गई, तो आतंकियों ने पहलगाम में हमला कर दिया।
जांच में पता चला है कि आतंकी वंदे भारत ट्रेन के उद्घाटन को लेकर बेहद बौखलाए हुए थे और इसी मौके पर हमला करना चाहते थे। जैसे ही उद्घाटन टला, आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाकर पहलगाम में हमला कर दिया। खुफिया इनपुट के अनुसार, आतंकी पहले से ही दो स्थानीय आतंकवादियों की मदद से पर्यटकों के संपर्क में थे। जैसे ही गोलीबारी शुरू हुई, उन्होंने पर्यटकों को एक फूड कोर्ट परिसर में इकट्ठा कर लिया, जहां पहले से दो पाकिस्तानी आतंकी मौजूद थे।
जांच में यह भी पता चला है कि हमले के दौरान बायसरन क्षेत्र में प्रतिबंधित चीनी कंपनी हुवावे का सैटेलाइट फोन इस्तेमाल हुआ था। एनआईए को संदेह है कि यह फोन पाकिस्तान या किसी अन्य देश से अवैध रूप से भारत लाया गया था। भारत में हुवावे और झोंगक्सिंग टेलीकम्युनिकेशन इक्विपमेंट (ZTE) को 5G नेटवर्क उपकरण बेचने की इजाजत नहीं है, हालांकि इन पर कोई खुला प्रतिबंध नहीं है। फिर भी सुरक्षा कारणों से भारतीय दूरसंचार कंपनियों ने इनसे दूरी बना ली है। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने भी हुवावे पर अपने नेटवर्क में पाबंदी लगा रखी है।
एनआईए की जांच में पहले ही लश्कर-ए-तैयबा, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और वहां की सेना की मिलीभगत सामने आ चुकी है। जांच एजेंसी ने कश्मीर घाटी में लश्कर के करीब 20 ओवरग्राउंड वर्करों (OGW) की पहचान की है, जो आतंकियों को सहायता दे रहे थे। हमले की साजिश लश्कर, ISI और पाकिस्तानी सेना ने मिलकर बायसरन इलाके में रची थी। दो मुख्य आतंकी – हाशमी मूसा उर्फ सुलेमान और अली भाई उर्फ तल्हा – पाकिस्तान के नागरिक थे और लगातार पाकिस्तानी आकाओं से संपर्क में थे। वे सीमा पार से घुसपैठ कर कश्मीर पहुंचे थे, जहां स्थानीय OGW ने उन्हें रहने की व्यवस्था दी और इलाके की पूरी जानकारी दी। आतंकियों ने बायसरन, अरु, बेताब घाटी और एक मनोरंजन पार्क की रेकी की थी और अंततः सुरक्षा में कमजोरी के कारण बायसरन को चुना।
एनआईए ने अब तक 2800 से अधिक लोगों से पूछताछ की है और करीब 180 लोग हिरासत में हैं। इनमें OGW, जमात-ए-इस्लामी और हुर्रियत के विभिन्न गुटों से जुड़े लोग शामिल हैं। जांच एजेंसी क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
पहलगाम आतंकी हमले में चीनी कनेक्शन का खुलासा, प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान करने वाले थे हमला






