
ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई अगले पांच दिनों के लिए स्थगित की
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने के प्रयासों के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक संभावित मध्यस्थता बैठक की खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई को अगले पांच दिनों के लिए स्थगित करने का ऐलान किया है और दावा किया है कि संघर्ष विराम को लेकर वार्ता जारी है। हालांकि, ईरान ने इस दावे को पूरी तरह नकार दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक स्तर पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए इस सप्ताह इस्लामाबाद में उच्चस्तरीय बैठक हो सकती है। बताया जा रहा है कि ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के फैसले के बाद कूटनीतिक गतिविधियों में तेजी आई है। ट्रंप का कहना है कि सकारात्मक संवाद के चलते ही अस्थायी रूप से सैन्य कार्रवाई रोकी गई है।
कई मुस्लिम देश निभा रहे हैं अहम भूमिका
सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र पर्दे के पीछे रहकर दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। एक वरिष्ठ इस्राइली अधिकारी के अनुसार, इस्लामाबाद में प्रस्तावित बैठक के लिए लगातार संपर्क साधा जा रहा है, जिसमें अमेरिका और ईरान के शीर्ष प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। पाकिस्तानी सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के शामिल होने की उम्मीद है, जो ईरानी अधिकारियों से मुलाकात कर सकते हैं। माना जा रहा है कि यह पहल युद्धविराम की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी पक्ष ने ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ से भी संपर्क साधा है, जिन्हें मौजूदा हालात में अहम निर्णयकर्ता माना जा रहा है। तुर्किये, मिस्र और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों ने भी हाल के दिनों में अलग-अलग बैठकों के जरिए दोनों पक्षों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने की कोशिश की है।
ट्रंप का दावा बनाम ईरान का इनकार
ट्रंप का कहना है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि वार्ता सफल रहती है तो समझौते की संभावना है, अन्यथा सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू की जा सकती है। वहीं, ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पिछले 24 दिनों में अमेरिका के साथ कोई प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हुई है। कुल मिलाकर, बढ़ती कूटनीतिक हलचल के बीच इस्लामाबाद में संभावित बैठक पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं, जो क्षेत्रीय शांति की दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है।






