नीट (यूजी) 2026 रद्द: सीबीआई को सौंपी गई पेपर लीक की जांच,

परीक्षा की नई तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी

देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (यूजी) 2026 को केंद्र सरकार ने रद्द कर दिया है। पेपर लीक की आशंका के चलते उठे विवाद के बीच यह बड़ा फैसला लिया गया है। अब इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की नई तिथियां जल्द घोषित की जाएंगी, जिससे अभ्यर्थियों को दोबारा अवसर मिल सके। नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) एक ऑफलाइन परीक्षा है, जिसके माध्यम से देशभर के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। इस परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) करती है। पहले इसे अखिल भारतीय प्री-मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) के नाम से जाना जाता था, लेकिन वर्ष 2017 से नीट ने इसकी जगह ले ली। एनटीए के अनुसार, जांच एजेंसियों से प्राप्त इनपुट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में परीक्षा को जारी रखना संभव नहीं था। 3 मई को आयोजित इस परीक्षा के बाद से ही पेपर लीक की आशंकाएं सामने आने लगी थीं, जिसके बाद सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया। एनटीए ने अपने आधिकारिक बयान में बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद पेपर लीक के संभावित मामले की जांच अब सीबीआई द्वारा की जाएगी। एजेंसी जल्द ही नई परीक्षा तिथियों, एडमिट कार्ड जारी करने की प्रक्रिया और अन्य जरूरी अपडेट अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर जारी करेगी। एनटीए ने पहले दावा किया था कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी थी। प्रश्न-पत्रों को जीपीएस ट्रैकिंग वाले वाहनों के जरिए भेजा गया, जिन पर यूनिक वॉटरमार्क मौजूद था। परीक्षा केंद्रों पर एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और 5G जैमर जैसी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं लागू की गई थीं। इसके बावजूद पेपर लीक की आशंका ने पूरी प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राजस्थान से जुड़ा है मामला?
पेपर लीक का शक सबसे पहले राजस्थान से सामने आया। परीक्षा के बाद कुछ छात्रों के पास एक हस्तलिखित कथित ‘गेस पेपर’ मिला, जिसके कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा से मेल खाते पाए गए। इसके बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया। 10 मई को राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने खुफिया जानकारी के आधार पर देहरादून, सीकर और झुंझुनू में कार्रवाई करते हुए 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनमें सीकर के एक कोचिंग संस्थान से जुड़ा करियर काउंसलर भी शामिल बताया जा रहा है।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल के अनुसार, जांच का केंद्र उस गेस पेपर पर है, जिसे परीक्षा से पहले छात्रों में बांटे जाने का आरोप है। इस पेपर में लगभग 410 प्रश्न थे, जिनमें से करीब 120 प्रश्न केमिस्ट्री से जुड़े बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह गेस पेपर परीक्षा से 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक छात्रों तक पहुंच चुका था।

23 लाख छात्रों पर असर
इस वर्ष नीट (यूजी) 2026 में देश-विदेश से करीब 23 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। परीक्षा 551 भारतीय शहरों और 14 विदेशी शहरों में आयोजित की गई थी। परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई है।

अब सभी की निगाहें सरकार और जांच एजेंसियों पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि सीबीआई जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और नई परीक्षा कब आयोजित की जाती है।

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