भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स (BRICS) देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक आज से नई दिल्ली में शुरू हो रही है। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर करेंगे। दो दिवसीय इस बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव, बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ बनाने जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। साथ ही, इस बैठक के दौरान आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के एजेंडे को अंतिम रूप देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।

भारत की मेजबानी में आयोजित यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया समेत कई क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे परिदृश्य में ब्रिक्स देशों के बीच संवाद और समन्वय को और मजबूत करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के विदेश मंत्री, वरिष्ठ राजनयिक और प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहे हैं। विभिन्न देशों के प्रतिनिधि नई दिल्ली पहुंचने लगे हैं, जिससे राजधानी में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। यह भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स की पहली बड़ी मंत्रीस्तरीय बैठक है, जिसे काफी अहम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक वर्ष के अंत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के एजेंडे को तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय (एमईए) ने भी इस बैठक की पुष्टि करते हुए बताया कि इसमें सदस्य देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भाग लेंगे और विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 14 और 15 मई को आयोजित इस बैठक में मुख्य रूप से वैश्विक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों की समीक्षा, सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय शासन व्यवस्था में सुधार जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर ब्रिक्स मंच को और प्रभावी बनाने पर भी विचार किया जाएगा। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रत्येक देश अपने प्रतिनिधिमंडल के स्तर का निर्धारण स्वयं करेगा और प्रतिनिधियों के संबंध में विस्तृत जानकारी उनके आगमन के बाद साझा की जाएगी।

बैठक के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। यह कूटनीतिक संवाद द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक होगा। उल्लेखनीय है कि भारत ने हाल ही में अपनी ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता के लिए आधिकारिक लोगो और वेबसाइट भी लॉन्च की है, जो देश की सक्रिय वैश्विक भूमिका को दर्शाती है।
इस बार ब्रिक्स सम्मेलन की थीम ‘मानवता सबसे पहले’ और जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर आधारित है। यह थीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2025 में रियो डी जेनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान दिए गए संदेश को आगे बढ़ाती है, जिसमें उन्होंने वैश्विक नीतियों में मानव कल्याण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया था।
गौरतलब है कि यह चौथा अवसर होगा जब भारत ब्रिक्स के शिखर स्तर के किसी बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहा है। यह न केवल ब्रिक्स समूह में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच नई दिल्ली की कूटनीतिक सक्रियता और नेतृत्व क्षमता को भी रेखांकित करता है।







