हर दो माह में बदल जाएंगे राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी

राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात पीएसीकर्मियों को हर दो माह में बदला जाएगा। अयोध्या में राम मंदिर की सुरक्षा में पीएसी की 8 कंपनी यूपीएसएसएफ को दी गई हैं।
अयोध्या में राम मंदिर की सुरक्षा में तैनात पीएसीकर्मियों को हर दो माह में बदला जाएगा। राम मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा शासन के निर्देश पर उप्र विशेष सुरक्षा बल (यूपीएसएसएफ) कर रहा है। इसकी स्थापना के बाद से कोई भर्ती ही नहीं हुई है। ऐसे में पीएसी के जवानों को लेकर काम चलाया जा रहा है। हाल ही में सुरक्षा में तैनात पीएसीकर्मियों ने तीन साल तक लगातार तैनाती की वजह से टीए-डीए नहीं मिलने की समस्या उठाई थी। ऐसे में कार्यदक्षता, व्यावसायिक क्षमता प्रभावित होने और मनोबल गिरने की बात कही गई थी, जिसके बाद डीजीपी ने हर दो माह में पीएसी बल को परिवर्तित करने की मंजूरी प्रदान कर दी है। अयोध्या में राम मंदिर की सुरक्षा में पीएसी की 8 कंपनी यूपीएसएसएफ को दी गई हैं। मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे विशेष सुरक्षा बल एवं पीएसी के अधिकारियों और कर्मचारियों का मासिक सम्मेलन 28 फरवरी को यूपीएसएसएफ की अयोध्या स्थित छठवीं वाहिनी में हुआ था, जिसमें उठाई गई समस्याओं से पुलिस मुख्यालय को अवगत कराया गया था।
इसके बाद डीजीपी ने अयोध्या में तैनात 8 कंपनियों को एक दल को दूसरे दल से प्रत्येक दो माह में परिवर्तित करने का अनुमोदन कर दिया। इसपर एडीजी यूपीएसएसएफ एलवी एंटनी देव कुमार ने आदेश दिया कि कंपनियों को परिवर्तित करने से पहले छह दिन का इंडक्शन कोर्स (कैप्सूल कोर्स) भी कराया जाएगा। इसके अलावा सुरक्षा शाखा भी इन कर्मियों को दो दिन का प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इसके जरिये सुरक्षाकर्मियों को कंट्रोल रूम ड्यूटी, वीआईपी एवं वीवीआईपी ड्यूटी, क्यूआरटी ड्यूटी, प्रसाद वितरण, पिकेट बैरियर ड्यूटी, स्वचलित हथियारों का इस्तेमाल, सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट की जानकारी दी जाएगी।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading