संसद की सुरक्षा में चूक के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने की साजिश 6 लोगों द्वारा योजनाबद्ध और सावधानीपूर्वक बनाई गई थी. सभी छह आरोपी एक-दूसरे को चार साल से जानते थे और कुछ दिन पहले ही सेंध लगाने की योजना बनाई थी. सूत्रों ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे और संसद आने से पहले उन्होंने रेकी भी की थी। आपको बता दें कि बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दो युवक दर्शक दीर्घा से कूद कर एक बेंच से दूसरे बेंच पर भागने लगे. तभी एक शख्स ने जूते से कुछ निकालकर पीले रंग की गैस स्प्रे कर दी. इस दौरान संसद में अफरा-तफरी मच गई. सांसद यहां-वहां भागने लगे. हालांकि कुछ सांसदों ने इन्हें पकड़ लिया और सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया। सुरक्षा में ये चूक ससंद पर आतंकवादी हमले की 22वीं बरसी के मौके पर हुआ. शुरुआती जांच में पता चला है कि चारों एक-दूसरे को जानते थे. सभी सोशल मीडिया के जरिए एक दूसरे के संपर्क में आए, और घटना की योजना बनाई. पुलिस ने सागर, मनोरंजन, अमोल और नीलम को हिरासत में ले लिया है. जबकि एक अन्य आरोपी विशाल को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है. विशाल के घर पर ही सभी आरोपी संसद पहुंचने से पहले रुके थे. एक अन्य आरोपी ललित की तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान अमोल ने बताया कि वे किसानों के प्रदर्शन, मणिपुर हिंसा और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से परेशान थे, इसीलिए उन्होंने ऐसा किया. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी की विचारधारा एक जैसी है, सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों को किसी संगठन या व्यक्ति ने ऐसा करने के लिए तो नहीं कहा था। आरोपी मंगलवार रात को गुरुग्राम में विशाल के यहां रुके थे. सुबह वे संसद के लिए निकले. एक अधिकारी ने बताया कि विशाल पहले एक कंपनी में ड्राइवर की नौकरी करता था, लेकिन हाल ही में ऑटोरिक्शा चलाने लगा. पड़ोसियों ने दावा किया कि विशाल शराबी है और वह अक्सर अपनी पत्नी से झगड़ा करता है। संसद में घुसपैठ मामले में बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है. चार आरोपियों पर आतंकवाद के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई है. अब पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने संसद में कलर स्प्रे लेकर घुसने की खास तैयारी की थी. आरोपियों को पता था कि संसद के अंदर कुछ भी नहीं ले जा सकते हैं. क्योंकि स्केनिंग और मैनुअल तलाशी होती है. इसमें पकड़े जाने पर मुश्किलें बढ़ जाएंगी. ऐसे में उन्होंने खास प्लान बनाया और जूतों में कलर स्प्रे ले जाने का निर्णय किया।
13 दिसंबर को संसद भवन पर हुए हमले की 22वीं बरसी थी. दोपहर एक बजे संसद में बीजेपी के सांसद खगेन मुर्मू चर्चा कर रहे थे, तभी दर्शक दीर्घा से दो शख्स अचानक नीचे कूदे और हंगामा करने लगे. दोनों ने नारेबाजी की, फिर जूते में छिपाकर रखा गया कलर स्प्रे निकाला और हवा में उड़ा दिया. इससे सांसदों में डर फैल गया. हालांकि, बाद में दोनों आरोपियों को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया गया. ठीक उसी वक्त संसद के बाहर एक महिला और एक युवक को हंगामा करते पकड़ा गया. इस पूरे घटनाक्रम में अब तक सात आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है. ये सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं. सागर शर्मा (26 साल) उत्तर प्रदेश के लखनऊ का रहने वाला है. मनोरंजन डी (34 साल) कर्नाटक के मैसूर का रहने वाला है. नीलम (37 साल) हरियाणा के जींद जिले के गांव घासो खुर्द की रहने वाली है. अमोल शिंदे (25 साल) लातूर (महाराष्ट्र) के रहने वाले हैं. इसके अलावा, हरियाणा के रहने वाले ललित झा को भी गुरुवार शाम गिरफ्तार किया गया है. राजस्थान के रहने वाले महेश की भूमिका भी सामने आई है. महेश पुलिस की हिरासत में है. पुलिस का कहना है कि ललित झा ही इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पता था कि साधारण जूतों में कलर स्प्रे ले जाना संभव नहीं है. ऐसे में उन्होंने लखनऊ में स्पेशल जूते बनवाने का प्लान बनाया. वहां उन्होंने स्पेशल जूते बनवाए और जूते में ही कलर स्प्रे छिपाया और सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर अंदर पहुंच गए. उसके बाद जब सागर और मनोरंजन कूद कर हंगामा करने लगे तो सांसदों ने घेराबंदी कर दी और पकड़ने की कोशिश करने लगे. इसी बीच, आरोपियों ने अपने जूते खोले और तुरंत कलर स्प्रे हवा में उड़ा दिया. जिससे चारों तरफ रंग दिखाई देने लगा. सांसद भी घबरा गए थे. बाद में उन्होंने आरोपियों को पकड़ा और सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने स्पेशल जूते लखनऊ में बनवाए थे, आरोपियों को जांच के लिए मुंबई, मैसूर और लखनऊ ले जाने की जरूरत है. जिस दुकान से उन्होंने कलर स्प्रे और जूते खरीदे थे, उसके बारे में पता करने की जरूरत है।
संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के आरोपी सागर शर्मा के लखनऊ स्थित घर से पुलिस को एक डायरी मिली है. इस डायरी से कई रहस्य खुलने की आशंका जताई जा रही है, सागर ने डायरी में लिखा, ”घर से विदा लेने का समय नजदीक आ गया है. एक तरफ डर भी है और दूसरी तरफ कुछ भी कर गुजरने की आग भी दहक रही है. काश मैं अपनी स्थिति माता पिता को समझा सकता. मगर ऐसा नहीं है कि मेरे लिए संघर्ष की राह चुनना आसान रहा. मैंने हर पल उम्मीद लगाई है. 5 साल तक मैंने प्रतीक्षा की है कि एक दिन ऐसा आएगा, जब मैं अपने कर्तव्य की ओर बढ़ूंगा. दुनिया में ताकतवर व्यक्ति वह नहीं जो छीनना जानते हैं, ताकतवर व्यक्ति वह है, जो सुख त्यागने की क्षमता रखता है।”
लोकसभा के अंदर जब दो लोग कूदे, तभी संसद के बाहर पुलिस ने प्रदर्शन करते हुए एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है. दोनों कनस्तरों से कलर गैस का छिड़काव कर रहे थे और नारे लगा रहे थे. इसके अलावा एक अन्य आरोपी भी संसद के बाहर मौजूद था, उसका नाम है ललित. ललित ने संसद के बाहर के प्रदर्शन का वीडियो बनाया. उसके पास सभी आरोपियों का मोबाइल था. इसके बाद ललित फरार हो गया था. वह दिल्ली से राजस्थान भाग गया था। पुलिस ने बताया था कि सदन के अंदर और बाहर हंगामा करने वाले एक दूसरे को लंबे समय से जानते हैं. ये सभी सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में थे. संसद की सुरक्षा में सेंधमारी प्लानिंग के तहत की गई थी. ललित झा इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड है. पुलिस ने इस मामले में पहले सागर, मनोरंजन, अमोल और नीलम को गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा ललित जब सरेंडर करने पहुंचा, तो पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. ललित के साथ एक अन्य आरोपी महेश भी गिरफ्तार किया गया है. ललित जब दिल्ली से राजस्थान भागा, तब महेश ने होटल दिलाने में मदद की. इसके अलावा महेश भी पूरी साजिश में शामिल था. पर वह दिल्ली नहीं आ सका था।





