रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जमीनी हकीकत की जानकारी लेने बुधवार को जम्मू आएंगे। वह राजोरी का भी दौरा करेंगे। इसके साथ ही वह राजभवन में उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा की बैठक करेंगे। वह जम्मू में 16वीं कोर मुख्यालय में भी सैन्य कमांडरों के साथ बातचीत करेंगे। पुंछ हमले में चार जवानों के बलिदान के बाद उनका यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजोरी-पुंछ में सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को इलाके में भेजा गया है। रक्षा मंत्री पूरे इलाके में आतंकवाद निरोधक अभियानों के बारे में भी जानकारी लेंगे, तथा आम नागरिकों से भी मिलेंगे। रक्षा मंत्रालय की एक उच्च स्तरीय समिति भी इलाके का दौरा करने वाली है।
बता दें कि पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील के देहरागली के सावनी गली क्षेत्र में छह दिन पहले 21 दिसंबर को दो सैन्य वाहनों पर घात लगा कर किए गए हमले के मामले में आतंकियों का सुराग लगाने के लिए सुरक्षा बलों का ऑपरेशन छठे दिन भी जारी रहा। इस दौरान हमले में शामिल आतंकियों को मदद पहुंचाने वालों का पता लगाने के लिए सेना ने 15 संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। सुरक्षाबलों ने देहरागली आतंकी हमले के मामले में पांच किलोमीटर की परिधि में आने वाले गांवों के 15 और संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है ताकि हमले में शामिल दहशतगर्दों का सुराग मिल सके। इससे पहले आतंकी हमले के अगले दिन ही सुरक्षाबलों ने घटना स्थल के निकटवर्ती गांव सावनी और टोपापीर से 20 संदिग्धों को पूछताछ के लिए उठाया था। इनमें से तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस पर संदिग्धों को हिरासत में लेने का काम रोक दिया गया था, जिसे मंगलवार को फिर शुरू किया गया। गौरतलब है कि इसी वर्ष अप्रैल महीने में पुंछ जिले के भाटा-दूडियां में सैन्य वाहन पर हमले में पांच जवानों के बलिदान के बाद सुरक्षा बलों ने करीब सौ संदिग्धों से पूछताछ की थी। इसमें यह पता लगा था कि हमले में शामिल आतंकियों ने गांव गुरसाई में दो महीने तक एक गुप्त ठिकाने पर पनाह ली थी और गांव के दो लोगों ने उन्हें हर प्रकार का सहयोग दिया था।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आतंकवादियों से लड़ते हुए बलिदान होने देने वाले सेना के जवान चंदन कुमार का पार्थिव शरीर सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे उनके पैतृक गांव बिहार के नारोमुरार पहुंचा, जहाँ पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। इस दौरान उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। बेटे के निधन की खबर मिलने के बाद से ही उनके माता-पिता, पत्नी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल था।




