मालदीव में चौथे संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग आज, राष्ट्रपति मुइज्जू की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

93 निर्वाचन क्षेत्र, 8 पार्टी, 368 उम्‍मीदवार, 2.8 लाख मतदाता, कोलंबो, त्रिवेन्‍द्रम और क्‍वालालंपुर सहित 602 मतदान केंद्र

पड़ोसी देश मालदीव में आज संसदीय चुनाव के लिए मतदान हो रहा है. 20वें संसदीय चुनाव से पहले मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ भ्रष्टाचार की एक रिपोर्ट लीक होने से राष्ट्रपति मुइज्जू की मुश्किलें बढ़ गई हैं. आज मतदान होने के बाद 28 अप्रैल को इसके नतीजे घोषित हो सकते हैं.
मालदीव में चौथे संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. यह चुनाव भारत विरोधी रूख के लिए जाने जाने वाले राष्ट्रपति मुइज्जू के लिए एक कड़ा इम्तिहान है. चुनावी मैदान में आठ राजनीतिक पार्टियां हैं जिन्होंने 93 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 368 उम्‍मीदवार उतारे हैं. 2.8 लाख से अधिक मतदाता 602 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें विदेश में तीन मतदान केंद्र (कोलंबो, त्रिवेन्‍द्रम और क्‍वालालंपुर) भी शामिल हैं.
पहली बार राष्ट्रपति बने मोहम्मद मुइज्जू की भारत विरोधी नीति, विशेष रूप से हिंद महासागर द्वीपसमूह से भारतीय सैन्य कर्मियों को वापस भेजने के फैसले की भी इस चुनाव में परीक्षा होगी.डॉ. मुइज्जू के पीपीएम-पीएनसी गठबंधन ने ‘इंडिया आउट’ का नारा देकर सितंबर 2023 में राष्ट्रपति चुनाव जीता था.
पिछली संसद में विपक्षी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के पास 44 सांसदों के साथ बहुमत था. संसद में बहुमत नहीं होने के कारण मुइज्जू के लिए नए कानून बनाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं. मालदीव के लोगों के सामने इस चुनाव में बेरोजगारी, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का विकास और खराब अर्थव्यवस्था प्रमुख मुद्दे रहे हैं.
कानून बनाने के लिए जरूरी है बहुमत हासिल करना
भारत को उम्मीद है कि मुख्य विपक्षी और भारत समर्थक पार्टी – मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) – बहुमत हासिल करेगी. अगर ऐसा होता है तो वह पार्टी कार्यकारी शक्ति की प्रभावी विधायी निगरानी कर सकेगी. मालदीव संविधान के तहत संसद के सभी निर्णयों और सरकार द्वारा प्रस्‍तावित विधेयकों को संसदीय बहुमत से पारित कराना आवश्‍यक होता है.
चुनाव से पहले मुसीबत में मुइज्जू
चुनाव से पहले राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू एक नई मुसीबस में फंस गए हैं. उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. इसे लेकर विपक्ष हमलावर है. विपक्ष ने भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग की है. इतना ही नहीं, विपक्ष उनके खिलाफ महाभियोग लाने की तैयारी भी कर रहा है. मालदीव की न्यूज वेबसाइट mvrepublic.com की रिपोर्ट के मुताबिक, इन लीक रिपोर्ट में 2018 में मुइज्जू के पर्सनल बैंक अकाउंट से हुए ट्रांजेक्शन में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है. आरोप है कि उनके बैंक अकाउंट से कम से कम 10 ट्रांजेक्शन संदिग्ध थे.इससे वित्तीय लेनदेन में गड़बड़ी, नेताओं के इस गड़बड़ी में शामिल होने, गबन और फंड का सोर्स छिपाने के लिए कॉर्पोरेट इकाइयों के इस्तेमाल का पता चलता है.
विपक्ष का आरोप
मतदान से पहले, एमडीपी नेता और पूर्व विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने कहा कि उनकी पार्टी जीत को लेकर आशावादी है क्योंकि मुइज़ू प्रशासन पिछले पांच महीनों में घरेलू और विदेशी दोनों नीतियों में विफल रहा है और मालदीव के लोग भी लोकतांत्रिक मूल्यों में गिरावट देख रहे हैं. शाहिद ने कहा कि मुइज्जू “झूठ और नफरत फैलाकर” सत्ता पर आसीन हो गए और सभी विकास परियोजनाएं रोक दी गईं. अब्दुल्ला शाहिद ने कहा, ‘सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों में कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है है. विपक्ष के हजारों लोगों को निलंबन और नौकरी से बर्खास्त करने की धमकी दी जा रही है. राजनीतिक संबद्धता के आधार पर आवश्यक सेवाओं की डिलीवरी को प्रतिबंधित करने की धमकी मिल रही है.’

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