यूपी के हाथरस में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां फुलराई गांव में साकार हरि बाबा का सत्संग चल रहा था।। सत्संग समाप्त होने के बाद यहां से जैसे भी भीड़ निकलना शुरू हुई तो भगदड़ मच गई। कार्यक्रम में शामिल होने आए 121 लोगों की इस हादसे में मौत हो गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हाथरस कांड जैसी घटनाएं भविष्य में न हों, इसके लिए राज्य सरकार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाएगी। उन्होंने बुधवार को हाथरस में घटना स्थल का दौरा करने के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घटना के सभी पहलुओं को देखते हुए सरकार ने मामले की न्यायिक जांच कराने के साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए एसओपी बनाने का निर्णय लिया है।
हाथरस में कोतवाली सिकंदराराऊ अंतर्गत फुलरई मुगलगढ़ी गांव में सत्संग के दौरान भगदड़ को लेकर साकार हरि बाबा उर्फ भोले बाबा का पहला बयान सामने आया है। साकार हरि बाबा ने कहा है कि मैं पहले ही वहां से चला गया था। उन्होंने इस हादसे के पीछे आयोजकों को जिम्मेदार बताया है। साथ ही उन्होंने घायलों के स्वस्थ होने की कामना की है।
हादसे के 24 घंटे बाद भी सत्संग में गए लोग लापता हैं। लापता लोगों की तलाश में परिजन इधर से उधर भटक रहे हैं। लापता लोगों के मोबाइल फोन बंद जा रहे हैं। जिससे परिजनों से उनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। तीन जुलाई को भी कई ऐसे परिजन शहर के बागला जिला अस्पताल परिसर में स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे और अपनों की तलाश करते रहे।





