बजट 2024: एक करोड़ सस्ते मकान बनेंगे, शहरी गरीब और मध्यम वर्ग को मिलेगा फायदा

केंद्रीय बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत शहरी गरीब और मध्यवर्गीय परिवारों के लिए एक करोड़ सस्ते मकान बनाने की घोषणा का लाभ एनसीआर के निवासियों को भी मिलेगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए 10 लाख करोड़ के बजट की घोषणा की है। इसमें पांच वर्ष में 2.2 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल है। इससे एनसीआर में दो से तीन वर्ष में करीब 30 से 35 लाख सस्ते मकान बन सकेंगे। इससे सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को मिलेगा जो एनसीआर में कम बजट में आशियाना तलाश कर रहे हैं। इसके साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर को भी बूस्टर डोज मिलेगा। निर्माण गतिविधियां शुरू होने से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ ही निर्माण सामग्री की खपत भी बढ़ेगी। जानकारों के मुताबिक सस्ते मकान चार श्रेणियों में बनेंगे। सरकार खुद ही सस्ते मकान बनाने की स्कीम लॉन्च कर सकती है। इसके अलावा सरकार बिल्डरों को इसे बनाने के लिए टेंडर जारी सकती है। वहीं बिल्डर खुद ही अपनी जमीन पर सस्ते मकान बनाकर लोगों को बेच सकते हैं। जिस पर सरकार की ओर से छूट दी जा सकती है। वहीं व्यक्तिगत तौर भी लोग अपना मकान बनाते समय सरकार की मदद ले सकते हैं। नोएडा-ग्रेटर नोएडा में अभी तक इस मामले पर काम नहीं हो रहा था। अब सरकार ने इस तरह के मकान बनाने की घोषणा के बाद बिल्डरों में उत्साह है।
प्रधानमंत्री आवास योजना का भी मिलेगा फायदा
एनसीआर में पीएम आवास योजना का भी लाभ लोगों को मिलेगा। इस योजना के तहत तीन करोड़ मकान बनाए जाने हैं। इसका फायदा छोटे शहरों व ग्रामीण क्षेत्रों को भी होगा। हालांकि इस योजना में 60 वर्गमीटर तक के मकानों के निर्माण के लिए सरकार की मदद मिलेगी। इसमें उनको भी मदद मिल पाएगी, जो कि खुद से घर का निर्माण कर रहे हैं। माना जा रहा है कि एनसीआर में इनकी संख्या करीब 10 लाख होगी क्योंकि यहां ग्रामीण इलाकों वाला वैसा माहौल नहीं है, जो कि सुदूर क्षेत्रों का है।
शहरों के हिसाब से सस्ते मकानों की अलग-अलग श्रेणी
बिल्डरों के मुताबिक सस्ते मकान की कोई तय परिभाषा नहीं है। सरकार की ओर से 8 से 10 लाख रुपये के फ्लैट बनाए जाते हैं। बिल्डर ग्रुप हाउसिंग परियोजना के तहत 100 फ्लैट प्रति हेक्टेयर ईडब्ल्यूएस यानी आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के लिए बनाते हैं। फ्लैट की कीमत भी शहरों के हिसाब से अलग-अलग होती है। दिल्ली-एनसीआर में जिस आकार के फ्लैट की कीमत 50 लाख होगी वही यूपी या अन्य राज्यों के दूसरे शहरों में उसकी कीमत खासी कम होगी। टियर-2 और टियर-3 के शहरों में इसकी कीमत और कम हो जाती है। हालांकि नोएडा में इस श्रेणी में 15 से 45 लाख के फ्लैट आते हैं। फैक्टरी के कामगारों के लिए डॉरमेट्री फैक्टरी के कामगारों के लिए परिसर में डॉरमेट्री बनेगी। बिल्डर इसका फायदा उठाने की तैयारी कर चुके हैं। उनकी ओर से इस तरह के घर या हॉल बनाए जाएंगे जिसमें कई बेड लगे हों। यहां कामगार रात में आराम कर सकेंगे। हालांकि इसके लिए कामगारों को किराया देना होगा। इस तरह की योजना न्यू नोएडा के मास्टर प्लान में शामिल है। वहां कामगारों को फैक्टरी परिसर में ही घर बनाकर दिया जाएगा। इस तरह की योजना नोएडा में नहीं है।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading