कोर्ट ने कहा कि परीक्षा रद्द होने से 24 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर लग जाएगा, परीक्षा की पवित्रता खंडित होने के कोई सबूत नहीं
सुनवाई पूरी होने के बाद सीजेआई ने कहा कि यह सही है कि पेपर लीक हजारीबाग और पटना तक सीमित है और कुल 155 छात्रों को इससे लाभ मिला है. अदालत ने कहा कि अभी भी इस मामले में जांच चल रही है, लेकिन अब तक जो भी साक्ष्य मिले हैं, उसके आधार पर कहा जा सकता है कि परीक्षा की पवित्रता प्रभावित नहीं हुई है. सीजेआई ने कहा कि आईआईटी मद्रास ने भी इस मामले में सहयोग किया. केंद्र सरकार ने भी पूरी जानकारी दी है. कोर्ट ने कहा कि हमने 4750 केंद्रों की जानकारी मांगी थी और जो भी जानकारी सौंपी गई है, उसके आधार पर कहा जा सकता है कि नीट-यूजी की परीक्षा में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी नहीं हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्थागत खामियों को भी मानने से इनकार कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को नीट यूजी 2024 परीक्षा को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फिर से सुनवाई पूरी हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने 5 मई को आयोजित NEET-UG 2024 परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं का आरोप लगाने वाली याचिकाओं पर आदेश में कहा कि उसे एहसास है कि इस साल के लिए नए सिरे से NEET-UG का निर्देश देना गंभीर परिणामों से भरा होगा, जिसका खामियाजा इस परीक्षा में शामिल होने वाले 24 लाख से अधिक छात्रों को भुगतना पड़ेगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसका मानना है कि पूरी NEET-UG परीक्षा को रद्द करने का आदेश देना उचित नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG 2024 परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया. सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि उसे एहसास है कि इस वर्ष के लिए नए सिरे से NEET-UG का निर्देश देने से गंभीर परिणाम होंगे, जिसका असर इस परीक्षा में बैठने वाले 24 लाख से अधिक छात्रों पर पड़ेगा.
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सभी पक्षों को सुना. याचिकाकर्ताओं ने सोमवार की सुनवाई के दौरान अपनी दलीलें पूरी कर ली थी. सुनवाई आज सुबह 10:30 बजे शुरू हुई थी. बता दें कि कई याचिकर्ताओं ने धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है. इस मामले में दर्जनों याचिकाएं दायर की गई थी. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि लीक से लाभान्वित होने वाले कुल छात्रों की संख्या 155 है: पटना में 30 और हजारीबाग में 125. सीजेआई ने पूछा कि क्या लीक हुआ पेपर अन्य केंद्रों पर भी भेजा गया था, सीबीआई ने जवाब दिया कि अब तक की जांच से पता चलता है कि उन्हें बिहार और पटना में केवल चार स्थान मिले हैं जहां हल किए गए प्रश्नपत्र की स्कैन की गई प्रतियां भेजी गई थीं.
सीबीआई ने कहा कि प्रश्नपत्र की तस्वीरें ली गईं और फिर तस्वीरों का प्रिंटआउट लिया गया और प्रश्नपत्र हल करने वालों द्वारा प्रश्नपत्र हल करने के बाद हार्ड कॉपी को स्कैन किया गया. सीबीआई ने कहा कि स्कैन की गई कॉपी हजारीबाग में एक और स्थान और पटना में दो स्थानों पर भेजी गई थी. नीट परीक्षा में विवादित भौतिकी के प्रश्न पर, सीजेआई ने कहा कि केवल सही उत्तर पर ही विचार किया जाना चाहिए. आदिवासी छात्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक वकील ने कहा कि अगर अदालत दोबारा परीक्षा का आदेश देती है तो उनके मुवक्किलों को छूट दी जानी चाहिए.
सीजेआई ने स्पष्ट किया कि यदि न्यायालय पुनः परीक्षा का आदेश देता है, तो इसमें कोई अपवाद नहीं किया जा सकता. याचिकाकर्ताओं के वकील हुड्डा ने कहा कि पेपर लीक के मुख्य आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है और उसका मोबाइल फोन भी बरामद नहीं हुआ है. यह पता नहीं चल पाया है कि मुख्य आरोपी ने पेपर हजारीबाग और पटना के बाहर के लोगों को भेजे थे या नहीं. सीजेआई ने कहा कि हम यह भी नहीं कह सकते कि लीक केवल हजारीबाग और पटना तक ही सीमित है. इसी तरह, हम प्रथम दृष्टया यह भी नहीं कह सकते कि लीक हजारीबाग और पटना से आगे तक फैल गया था और लीक इतना व्यापक और व्यवस्थित था कि पूरी परीक्षा रद्द कर दी जाए.



