33वें ओलंपिक खेलों का उद्घाटन आज पेरिस में

फैशन के शहर पेरिस में शुक्रवार से 33वें ओलंपिक की शुरुआत होने जा रही है। पेरिस सौ साल बाद फिर खेलों के महाकुंभ की मेजबानी कर रहा है। इतिहास में पहली बार ओलंपिक खेलों का उद्घाटन समारोह स्टेडियम में नहीं होगा। एथलीट दर्शकों के सामने पेरिस से होकर बहने वाली नदी सीन के किनारे नावों में परेड करेंगे। प्रत्येक राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल की नौकाओं में कैमरे लगे होंगे, जिससे टीवी और ऑनलाइन पर देख रहे दर्शक पूरी गतिविधि को करीब से देख सकेंगे। परेड ट्रोकाडेरो के सामने 6 किमी के अपने मार्ग पर समाप्त होगी, जहां समारोह के अंतिम चरण और उत्सव शो होंगे। बीचबॉल की स्पर्धा ऐतिहासिक एफिल टावर के बगल में होगी।
इस बार दिखेगी लैंगिक समानता
इस ओलंपिक में लैंगिक समानता भी देखने को मिलेगी। कुल 10,500 खिलाड़ियों में आधी महिलाएं होंगी। पेरिस खेलों का पारंपरिक समापन समारोह पुरुषों की मैराथन की जगह महिलाओं की मैराथन से होगा। इस बार 32 में से 28 खेल ऐसे हैं जिसमें पुरुष और महिला दोनों भाग लेंगे।
भारत का लक्ष्य: ऐतिहासिक दस तक
भारतीय दल सफलता का नया इतिहास लिख सकता है। पिछली बार टोक्यो ओलंपिक में हमने सर्वाधिक सात पदक जीते थे। इस बार पदकों की संख्या दोहरे अंकों में पहुंचाने का लक्ष्य होगा। भारत को भालाफेंक, निशानेबाजी, बैडमिंटन, मुक्केबाजी और कुश्ती से तो पदक की उम्मीद है ही। इस बार कुछ नए खेलों में भी खाता खुल सकता है। कई स्पर्धाओं में दो पदक की भी उम्मीद है।
सिंधू और शरत होंगे भारतीय ध्वजवाहक
खिलाड़ियों के मार्चपास्ट में दो पदक जीत चुकीं बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू और टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत शरत कमल भारत के ध्वजवाहक होंगे। 117 सदस्यीय भारतीय दल में 70 खिलाड़ी पहली बार ओलंपिक में शिरकत करने जा रहे हैं। इनमें 29 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। 117 सदस्यीय दल में 47 खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्हें एक या उससे अधिक ओलंपिक खेलने का अनुभव है। इनमें पुरुष हॉकी टीम समेत पांच पदक विजेता भी शामिल हैं। टोक्यो ओलंपिक में भारत ने एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक जीते थे। इनमें स्वर्ण जीतने वाले जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा, रजत जीतने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चानू, कांस्य जीतने वाली मुक्केबाज लवलीना, शटलर पीवी सिंधू के अलावा पुरुष हॉकी टीम पदक के लिए एक बार फिर जोर-आजमाइश करेंगे।
फलस्तीन टीम का तोहफों और तालियों से स्वागत
फलस्तीन के ओलंपिक दल का यहां पहुंचने पर लोगों ने तालियों और तोहफों के साथ स्वागत किया और तोहफों में खाने का सामान और गुलाब के फूल शामिल थे। पेरिस हवाई अड्डे से बाहर निकलकर फलस्तीन के खिलाड़ियों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अब तक 39000 फलस्तीनियों की जान ले चुके इस्राइल-हमास युद्ध के बीच उनकी मौजूदगी संकेत की तरह होगी। खिलाड़ियों, फ्रांस के समर्थकों और राजनीतिज्ञों ने यूरोपीय देशों से फलस्तीन को एक राष्ट्र के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है। कइयों ने ओलंपिक में इस्राइली खिलाड़ियों के खेलने पर नाराजगी जताई है जिन्होंने इस्राइल पर युद्धापराध और मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप लगाए हैं।
इनसे है पदक की उम्मीद
नीरज चोपड़ा, किशोर जेना (भालाफेंक), मीराबाई चानू (भारोत्तोलन), पीवी सिंधू, सात्विक-चिराग (बैडमिंटन), विनेश फोगाट, अंतिम पंघाल (कुश्ती), लवलीना बोरगोहेन, निकहत जरीन (मुक्केबाजी), मनु भाकर, सिफत कौर (निशानेबाजी)

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading