दिल्ली के वीवीआईपी इलाकों की रेकी करने वाला ISIS आतंकी गिरफ्तार, पाकिस्तान के लिए करता था काम

स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली पुलिस ने आतंकी घटना को अंजाम देने के इरादे से दिल्ली के वीवीआईपी इलाकों की रेकी करने वाले आईएसआईएस आतंकी रिजवान अली को गिरफ्तार किया है। रिजवान ने नौ साल पहले आतंक की राह चुनी थी। रिजवान ने सोशल मीडिया के जरिये हैंडलरों से जुड़ा था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को आतंकी रिजवान अली की तलाश बीते साल अक्तूबर से थी। उसके तीन साथियों मोहम्मद अरशद वारसी, मोहम्मद रिजवान और इंजीनियर शाहनवाज उर्फ शैफी उज्जमा को गिरफ्तार किया था, लेकिन रिजवान फरार चल रहा था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि 2015 में रिजवान सोशल मीडिया के जरिये कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुका।
2017 में उसकी मुलाकात दिल्ली के शाहीन बाग में पढ़ाई के लिए आए झारखंड के मूल निवासी आतंकी शाहनवाज से हुई और वे अच्छे दोस्त बन गए। शाहनवाज और रिजवान हिजरत करना चाहते थे। इसके लिए धन इकट्ठा करने के लिए शाहनवाज अपराध में शामिल हो गया। वर्ष 2018 में रिजवान एक सोशल मीडिया एप्लीकेशन के जरिये आईएसआईएस हैंडलर से जुड़ा। तब से वह और उसके साथी आईएसआईएस की विचारधारा में गहराई से शामिल हो गए और आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश और तैयारी कर रहे थे। अप्रैल 2022 में रिजवान और शाहनवाज इमरान, यूनुस साकी (पुणे पुलिस द्वारा गिरफ्तार) के संपर्क में आए। हालांकि शाहनवाज को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन रिजवान जांच एजेंसियों से बचने के लिए अपना ठिकाना बदलता रहा। वर्ष 2018 में रिजवान एक सोशल मीडिया एप्लीकेशन के जरिये आईएसआईएस हैंडलर से जुड़ा। तब से वह और उसके साथी आईएसआईएस की विचारधारा में गहराई से शामिल हो गए और आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश और तैयारी कर रहे थे। अप्रैल 2022 में रिजवान और शाहनवाज इमरान, यूनुस साकी (पुणे पुलिस द्वारा गिरफ्तार) के संपर्क में आए। हालांकि शाहनवाज को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन रिजवान जांच एजेंसियों से बचने के लिए अपना ठिकाना बदलता रहा।
नए लोगों को भर्ती भी कर रहा था
सूत्रों ने बताया कि रिजवान अली फरार रहने के दौरान स्लीपर सेल बनकर मुस्लिम युवाओं का ब्रेनवाश कर उन्हें जेहादी बनाने व आईएसआईएस के लिए भर्ती करने में जुटा हुआ था। बताया जा रहा है कि वह वर्ष 2002 में गुजरात के गांधी नगर स्थित अक्षरधाम मंदिर में हमला करने के मास्टरमाइंड फरहतुल्ला गौरी और उसके दामाद शाहिद फैसल के संपर्क में था।
यह दोनों आतंकी गतिविधियों को अंजाम देेने के लिए पुणे माॅड्यूल के सदस्यों को निर्देश दे रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि यह दोनों आतंकी आईएसआई के लिए काम करते हुए पाकिस्तान में छिपे हुए हैं और आईएसआई के इशारे पर भारत में कट्टरपंथी नेटवर्क स्थापित करने के लिए युवाओं को भर्ती करने के साथ ही बम बनाने और उसे ब्लास्ट करने की ट्रेनिंग भी दे रहे हैं।
कई जगह पर की है रेकी
अधिकारियों ने बताया कि पुणे माॅड्यूल के सदस्यों ने कट्टरपंथी नेटवर्क बनाने के लिए देशभर कई जगहों पर रेकी की थी, पश्चिमी घाट क्षेत्र के पहाड़ी और जंगल वाले क्षेत्रों में कई सप्ताह तक रहे। यह यहां पर ट्रेनिंग सेंटर खोलना चाहते थे। इसके लिए रिजवान ने अन्य सदस्यों को दो बाइक भी मुहैया कराई थी।
एक साल पहले पुणे गया था रिजवान
आईएसआईएस के पुणे माड्यूल का आतंकी रिजवान अली एक साल पहले पुणे गया था। उसका परिवार दरियागंज इलाके में फैज रोड पर रहता है। रिजवान की मां शाहीन का कहना है कि रिजवान ने एक साल पहले अल्फिया नाम की युवती से शादी की, उसके बाद वह पत्नी के साथ पुणे में कारोबार करने की बात कहकर चला गया था। उसने वहां कंप्यूटर के पुर्जों का कारोबार करने की बात कही थी। उन्होंने बताया कि उससे बीच-बीच में फोन पर बात होती थी। जब से उसके आतंकियों से जुड़े होने की खबर सुनी है तब से यकीन नहीं हो रहा है कि वह ऐसा कोई काम कर सकता है।
रिजवान ने जामिया से 2012 में बारहवीं की परीक्षा दी थी। उसके बाद उसने आगे की पढ़ाई छोड़कर छोटा-मोटा काम शुरू कर दिया। रिजवान पांच भाई बहनों में सबसे बड़ा है। उसके तीन भाई और दो बहनें हैं। रिजवान के पिता अब्दुल हाजी सरकारी कर्मचारी रहे हैं। रिजवान की मां ने बताया कि दो साल पहले पुलिस ने किसी मामले में रिजवान से पूछताछ की थी, हालांकि बाद में पुलिस ने उसे छोड़ दिया था।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading