दिल्ली में डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) की नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार अब तक 1136 डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं, जबकि दो लोगों की मौत हो चुकी है। राजधानी में मच्छर जनित बीमारियों का फैलाव तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
एमसीडी की 25 अक्तूबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार डेंगू के कुल 1066 मामले दर्ज किए गए थे, यानी बीमारी ने 1000 का आंकड़ा पार कर लिया है। सितंबर और अक्तूबर के महीनों में मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। सितंबर में 208 और अक्तूबर (25 अक्तूबर तक) में 307 नए मामले सामने आए हैं। केवल पिछले सप्ताह में ही डेंगू के 72 नए केस दर्ज हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के बाद जमा पानी, अपर्याप्त सफाई व्यवस्था और रोकथाम कार्यों में आई रुकावट इस बढ़ोतरी के मुख्य कारण हैं। पिछले एक महीने से फील्ड कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिसके चलते घर-घर निरीक्षण, लार्वा जांच और एंटी-लार्वल स्प्रे अभियान पर सीधा असर पड़ा है। अक्तूबर महीना डेंगू नियंत्रण के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण निरीक्षण कार्य लगभग ठप हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अक्तूबर में घरों की जांच और कानूनी कार्रवाइयों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। डेंगू के साथ-साथ मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। इस वर्ष अब तक मलेरिया के 590 और चिकनगुनिया के 120 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। मलेरिया के सर्वाधिक 219 मामले अक्तूबर में सामने आए हैं। एमसीडी के अनुसार, इस वर्ष अब तक लगभग 3.21 करोड़ घरों का निरीक्षण किया गया, जिनमें से 2.18 लाख घरों में मच्छरों के प्रजनन स्थल पाए गए। निगम ने 1.43 लाख कानूनी नोटिस जारी किए, 27,959 अभियोजन शुरू किए और करीब 19.6 लाख रुपये का जुर्माना वसूला है। हालांकि, रोकथाम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण डेंगू नियंत्रण अभियान की गति प्रभावित हुई है।






