जम्मू: अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को आज तड़के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भगवती नगर यात्री निवास से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ‘बम-बम भोले’ के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं का कारवां बालटाल और पहलगाम आधार शिविर की ओर बढ़ चला। करीब 4,000 से 5,000 श्रद्धालुओं के पहले जत्थे में शामिल होने की उम्मीद है। यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 38 दिनों तक चलेगी और 9 अगस्त को समाप्त होगी।
पंजीकरण की जानकारी:
• अब तक 3.5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं का अग्रिम पंजीकरण हो चुका है।
• जम्मू में बीते दो दिन में 4,500 से ज्यादा टोकन जारी किए गए हैं, जबकि 2,500 तत्काल पंजीकरण किए गए।
• रेलवे स्टेशन जम्मू के पास सरस्वती धाम में टोकन की सुविधा उपलब्ध है।
• वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाजन हॉल शालामार में भी तत्काल पंजीकरण हो रहा है।
• पंजीकृत यात्रियों के लिए भगवती नगर और रेलवे स्टेशन पर ई-केवाईसी-आरएफआईडी केंद्र स्थापित किए गए हैं।
• साधु-संत श्रीराम मंदिर पुरानी मंडी व गीता भवन परेड में तत्काल पंजीकरण करा सकते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था:
• करीब एक लाख सुरक्षाकर्मी लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा तक तैनात रहेंगे।
• अर्धसैनिक बलों की 600 कंपनियां सुरक्षा में लगाई गई हैं, जिनमें सबसे अधिक 350 कंपनियां सीआरपीएफ की हैं।
• जम्मू-कश्मीर पुलिस के लगभग 25,000 जवान सुरक्षा में तैनात रहेंगे।
यातायात व्यवस्था:
• जम्मू से श्रीनगर जाने वाले वाहन सुबह 6 बजे से राष्ट्रीय राजमार्ग पर छोड़ दिए जाएंगे।
• रात 10 बजे के बाद भारी वाहन और 12 बजे के बाद छोटे वाहनों को नगरोटा से आगे जाने की इजाजत नहीं होगी।
• जम्मू शहर में कुंजवानी, बजालता मोड़, सिद्धड़ा पुल, अटल चौक, टीसीपी नगरोटा और मांडा को कट-ऑफ पॉइंट बनाया गया है।
जत्थे के गुजरने पर इन मार्गों पर यातायात पूरी तरह बंद रहेगा:
o केनाल हेड से बंदा बहादुर चौक
o बेलीचराना पीडब्ल्यूडी पुल से भगवती नगर चौथा पुल
o गांधी नगर महिला कॉलेज से बिक्रम चौक फ्लाईओवर
o आंबेडकर चौक से एशिया क्रॉसिंग वाया जिला पुलिस लाइन
o पुलिस मुख्यालय से जम्मू विश्वविद्यालय होते हुए बिक्रम चौक
o बस स्टैंड से मांडा चौक
मौसम का अनुमान:
मौसम विभाग का कहना है कि 5 जुलाई तक मौसम स्थिर रहेगा। 6 और 7 जुलाई को जम्मू संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियां:
• चढ़ाई धीरे-धीरे करें, बीच-बीच में आराम लें और क्षमता से ज्यादा न चलें।
• हर यात्रा शिविर में पूरा विश्राम करें और अगले गंतव्य पर निकलने से पहले दिशा-निर्देश पढ़ें।
• यदि कोई दवा लेते हैं, तो उसे हमेशा अपने बैग में रखें।
• खूब पानी और तरल पदार्थ लेते रहें।
• ऊंचाई और खराब मौसम में पवित्र गुफा के पास रुकने से परहेज करें।
• किसी स्वास्थ्य समस्या पर दो किलोमीटर के अंतराल पर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का उपयोग करें।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें:
• चक्कर आना या आराम करने पर भी थकान न उतरना
• सांस फूलना, सीने में दर्द
• सिरदर्द, भूख न लगना या उल्टी होना
• आराम के बावजूद दिल की धड़कन तेज होना
• त्वचा का नीला पड़ना या सीने में जकड़न महसूस होना
• सीधी लाइन में चलने में परेशानी होना





