उत्तराखंड: उत्तरकाशी में बादल फटने से खीरगंगा नदी में सैलाब चार मरे, 70 लापता

मलबे में मकान दबे सड़कें और पुल बहे, लापता लोग, चारों तरफ भयानक तबाही का मंजर, धराली और हर्षिल में राहत-बचाव जारी

मंगलवार को उत्तरकाशी जिले की हर्षिल घाटी में तीन स्थानों पर बादल फटने की घटना से धराली गांव में भयंकर तबाही मच गई। खीरगंगा नदी में आई बाढ़ और मलबे के चलते धराली के कई बहुमंजिला होटल, रेस्टोरेंट और मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए। कई लोग मलबे में फंस गए, जबकि हर्षिल स्थित सेना कैंप के 21 जवान लापता हो गए।
बचाव कार्य बुधवार को भी लगातार जारी रहा। सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें राहत व खोज अभियान में जुटी रहीं। धराली के 32 वर्षीय युवक आकाश पंवार का शव मलबे से बरामद हुआ, वहीं मलबे में दबे 11 घायल जवानों को सुरक्षित निकालकर उन्हें हेलीकॉप्टर से जिला अस्पताल, आईटीबीपी अस्पताल और देहरादून भेजा गया।

सेना ने चलाया त्वरित राहत अभियान
भारतीय सेना ने त्वरित मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान शुरू किया है। करीब 225 सैन्यकर्मी, जिनमें इंजीनियरिंग और पैदल सेना की टीमें शामिल हैं, मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में लगे हुए हैं। टेकला क्षेत्र में राडार और खोजी कुत्तों की मदद से अभियान तेज किया गया है।

70 से अधिक लोग लापता, 4 की मौत की पुष्टि
प्रशासन के अनुसार अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और लगभग 70 लोग लापता हैं। देर शाम तक करीब 130 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। मलबे में अब भी धराली के 8 स्थानीय युवक, 2 नेपाली नागरिक और 10 सैनिक लापता बताए जा रहे हैं।

खीरगंगा में बादल फटने से सबसे अधिक नुकसान
हर्षिल घाटी में तीन जगह बादल फटे, जिनमें सबसे भीषण तबाही खीरगंगा क्षेत्र में देखने को मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 1:50 बजे बादल फटा और महज 20 सेकंड में नदी का पानी व मलबा मुख्य बाजार में घुस गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन बाढ़ की रफ्तार से कई होटल, दुकानें और घर बह गए। पूरा बाजार मलबे में तब्दील हो गया।

हर्षिल में सेना कैंप को बड़ा नुकसान
तेलगाड में बादल फटने से हर्षिल स्थित सेना कैंप को भारी क्षति पहुंची है। कई चौकियां और बंकर मलबे में दब गए हैं। हालांकि अब तक किसी जवान के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।

संपत्ति और बागान भी नष्ट
धराली में आई बाढ़ ने ग्रामीणों की पुश्तैनी संपत्तियों और सेब के बागानों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। कई होटल-रेस्टोरेंट लीज पर चल रहे थे, जो अब पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 25–30 लोग लापता हैं और लगभग 20–25 होटल व दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

बिजली आपूर्ति भी ठप
आपदा के चलते मनेरी से आगे की बिजली लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे भटवाड़ी, हर्षिल और गंगोत्री क्षेत्र अंधेरे में डूब गए हैं। प्रशासन स्थिति का आंकलन कर राहत कार्यों में जुटा हुआ है।

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