
देश के नए उपराष्ट्रपति बने सीपी राधाकृष्णन को आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में हुए आयोजित समारोह में पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे।
हाल ही में संसद के मानसून सत्र के दौरान धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था, जबकि उनका कार्यकाल अभी दो वर्ष बाकी था। इसी वजह से उपराष्ट्रपति पद के लिए मध्यावधि चुनाव कराना पड़ा। मंगलवार को हुए चुनाव में एनडीए प्रत्याशी राधाकृष्णन ने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार और पूर्व जज बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 मतों के अंतर से हराया। राधाकृष्णन को कुल 452 वोट मिले थे। जगदीप धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे के बाद 9 सितंबर को यह चुनाव कराया गया। उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति भवन से जारी बयान के मुताबिक, उनके इस्तीफे के बाद गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
15वें उपराष्ट्रपति बने सीपी राधाकृष्णन की यात्रा छात्र आंदोलन से शुरू हुई थी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के बाद वह भाजपा संगठन में सक्रिय हुए और 2004 से 2007 तक तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने 93 दिन में 19,000 किमी लंबी रथ यात्रा की, जिसका उद्देश्य नदियों को जोड़ना, आतंकवाद के खिलाफ जनजागरण, समान नागरिक संहिता लागू करना और सामाजिक सुधार को बढ़ावा देना था। उन्होंने केरल भाजपा के प्रभारी के रूप में भी काम किया और दक्षिण भारत में पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। समर्थक उन्हें “तमिलनाडु का मोदी” कहकर संबोधित करते हैं।
सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक करियर
• राधाकृष्णन का राजनीतिक जीवन 1974 में जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी से शुरू हुआ।
• 1996 में वह भाजपा के तमिलनाडु सचिव बने।
• 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सांसद चुने गए।
• संसद में रहते हुए वह कपड़ा मंत्रालय की स्थायी समिति के अध्यक्ष और स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच समिति के सदस्य रहे।
• 2004 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया और ताइवान जाने वाले पहले संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बने।
• 2016 से 2020 तक कोच्चि स्थित कॉयर बोर्ड के अध्यक्ष रहे और उनके नेतृत्व में नारियल रेशे के निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि हुई।
ओबीसी समुदाय कोंगु वेल्लार (गाउंडर) से आने वाले राधाकृष्णन की पत्नी का नाम सुमति है। उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं। उपराष्ट्रपति पद पर चुने जाने से पहले वह महाराष्ट्र के राज्यपाल थे। इससे पहले झारखंड राज्यपाल रहते हुए उन्होंने तेलंगाना और पुडुचेरी का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला था।



