• वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर स्थानीय थाना स्तर तक सभी ने बाजारों, स्कूलों और कॉलेजों के आसपास गश्त की।
• गश्त के दौरान 7,44,482 लोगों की जांच की गई, जबकि पीआरवी टीमों ने 52,039 जगहों पर विशेष गश्त की।
• वाहन चेकिंग के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों ने 57,265 स्थानों पर पैदल गश्त की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक साथ विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। मिशन शक्ति 5.0 के तहत 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलाए गए इस राज्यव्यापी अभियान में पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए काली फिल्म, अवैध हूटर, बत्तियों और स्टंटबाजी पर कड़ा एक्शन लिया। इस दौरान 8.5 लाख से ज्यादा वाहनों की जांच की गई और 2.45 लाख से अधिक वाहनों पर कार्रवाई की गई। यह अब तक का पुलिस का सबसे बड़ा चेकिंग अभियान माना जा रहा है, जिसमें एडीजी से लेकर थाना प्रभारी तक सड़क पर उतरे।
काली फिल्म हटाने पर विशेष जोर
पुलिस महानिदेशक मुख्यालय की नोडल अधिकारी एडीजी पद्मजा चौहान के अनुसार, 22 सितंबर से शुरू इस विशेष अभियान में 24,457 पुलिसकर्मी व अधिकारी 71,473 स्थानों पर तैनात रहे। कुल 8,50,182 वाहनों की जांच में 9,488 वाहनों से काली फिल्म हटाई गई। लंबे समय से प्रतिबंध के बावजूद ये वाहन सड़कों पर चल रहे थे। एडीजी ने बताया कि काली फिल्में अपराधों में मददगार साबित होती हैं, खासकर महिलाओं से जुड़े मामलों में, इसलिए इस पर सख्त कार्रवाई की गई।
हूटर-बत्तियों और जातिसूचक शब्दों पर भी कार्रवाई
अभियान के दौरान पुलिस ने वीआईपी कल्चर के प्रतीक बन चुके 2,817 हूटर और 1,087 नीली-लाल बत्तियों को वाहनों से हटवाया। कई वाहन मालिकों ने खुद इन्हें उतारा, जबकि कई मामलों में पुलिस ने मौके पर उपकरण जब्त किए। 14,504 वाहनों पर लिखे जातिसूचक शब्दों और पदनामों को भी हटवाया गया। एडीजी चौहान ने कहा कि ऐसे शब्द सामाजिक असमानता को बढ़ावा देते हैं और यह कानून के खिलाफ है। नियमों का उल्लंघन करने पर 18,215 वाहनों के चालान काटे गए, जबकि 3.38 लाख से अधिक लोगों को चेतावनी देकर छोड़ा गया। ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए गलत तरीके से पार्क किए गए वाहनों पर भी अभियान चला।
स्टंटबाजों पर कड़ी कार्रवाई
मिशन शक्ति के तहत स्टंटबाजी करने वालों पर भी शिकंजा कसा गया। 55,832 स्थानों पर जांच के दौरान 5,26,184 वाहनों को रोका गया, 770 मुकदमे दर्ज हुए, 263 स्टंटबाज गिरफ्तार किए गए, 31,609 चालान काटे गए और 1,388 वाहन सीज किए गए।
1.93 लाख चालान और 3,654 वाहन सीज
पूरे अभियान में 1,93,829 वाहनों के चालान काटे गए और 3,654 वाहनों को सीज किया गया। 251 मामलों में एफआईआर दर्ज कर 450 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल दिखावे का नहीं, बल्कि सख्त कानून-व्यवस्था लागू करने का ठोस प्रयास था।
मुख्यमंत्री योगी का स्पष्ट संदेश
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अभियान की शुरुआत में ही कहा था कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसी निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में एक साथ यह अभियान चलाया गया। नतीजतन सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ी और महिलाओं ने सुरक्षा की भावना महसूस की, खासकर बाजारों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास।






