यूपी: ध्वजारोहण समारोह कल; प्रधानमंत्री के हनुमानगढ़ी जाने की सूचना नहीं

राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से आठ स्थानों पर सात भोजनालय रविवार से संचालित हो गए हैं। अंगद टीला स्थित सीता रसोई में श्रद्धालु रामलला का प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। रविवार रात मंदिर के शिखर और मंडपों पर लेजर शो का भी रिहर्सल किया गया, जिसमें लेजर प्रकाश के माध्यम से राम विवाह के दृश्य प्रदर्शित किए गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले रामनगरी का हर मार्ग, हर मंदिर और घर-आंगन दिव्यता से चमक रहा है। कार्यक्रम में हुए आंशिक बदलाव के कारण इस बार पीएम मोदी हनुमानगढ़ी नहीं जाएंगे। राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह उसकी पूर्णता का संदेश दे रहा है और अब मंदिर में राजाराम भी विराजमान हो चुके हैं। ऐसे में रामनगरी उसी तरह सुसज्जित हो रही है, जैसे प्रभु राम के स्वागत में अवधपुरी सजी होगी।
ध्वजारोहण कार्यक्रम को देखते हुए राम मंदिर परिसर में अतिथियों के बैठने के लिए बनाए गए ब्लॉकों की संख्या 15 से बढ़ाकर 19 कर दी गई है। साथ ही आठ स्थानों पर भोजनालय भी शुरू कर दिए गए हैं। हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास ने बताया कि पीएम के वहां आने की अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है, जबकि पहले उनके दर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित था।
मंदिर परिसर में रविवार को विभिन्न ब्लॉकों में कुर्सियां लगाने का कार्य चलता रहा। अतिथियों को प्रवेश पत्र भी जारी किए जा रहे हैं, जिन पर लगे क्यूआर कोड के माध्यम से पहचान सुनिश्चित कर उन्हें प्रवेश दिया जाएगा। सोमवार से अतिथियों का आगमन प्रारंभ हो जाएगा। कारसेवक पुरम और तीर्थ क्षेत्र पुरम में उनकी सुविधा हेतु कार्यालय स्थापित किए गए हैं। अवध, काशी, गोरक्ष और कानपुर प्रांतों के लिए अलग-अलग कार्यालय बनाए गए हैं, जहां से उन्हें आवश्यक सूचना और मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

विदेशी पुष्पों से सजा राम मंदिर
इस समय राम मंदिर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो स्वर्गिक उद्यान धरती पर उतर आया हो। थाईलैंड, वियतनाम और अन्य देशों से आए दुर्लभ पुष्पों की सुगंध ने परिसर को अलौकिक बना दिया है। गुलाबी और सफेद लिलियम, आर्किड, ट्यूलिप, दहेलिया और स्टार जैसे फूल मंदिर को अद्भुत भव्यता प्रदान कर रहे हैं। मंदिर परिसर की सजावट में लगभग 50 क्विंटल तथा आद्य शंकराचार्य द्वार, रामानंदाचार्य द्वार और माध्वाचार्य द्वार की सजावट में लगभग 30 क्विंटल पुष्पों का उपयोग हुआ है। कुल मिलाकर लगभग 80 क्विंटल देशी-विदेशी फूलों से पूरा परिसर सजाया गया है।

कई समाजों के प्रतिनिधि होंगे उपस्थित
ध्वजारोहण समारोह को सफल बनाने के लिए संघ ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं और लगातार बैठकें हो रही हैं। रविवार को भी यात्री सुविधा केंद्र में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन समुदायों की सूची प्रस्तुत की गई जिनके प्रतिनिधि समारोह में शामिल होंगे। इनमें कहार, नाई, कुम्हार, गड़ेरिया, लोधी, यादव, धोबी, लोहार, पासी, वाल्मीकि, रविदास, बक्सोर, तमोली, सिख, कुर्मी, कसौधन, नट, माली, बहेलिया और अन्य समाजों के लोग शामिल हैं। इसके साथ ही मुस्लिम, सिख और जैन धर्म के अतिथियों को भी आमंत्रित किया गया है।

विशिखा मीडिया

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