दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस सतर्क हो गई है। घाटी में उन वाहनों के खिलाफ विशेष और सख्त अभियान शुरू किया गया है, जिनकी खरीद-बिक्री के बाद स्वामित्व हस्तांतरण (ओनरशिप ट्रांसफर) नहीं कराया गया है।
इस अभियान का उद्देश्य वाहन स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड को मजबूत करना, अन्य राज्यों में पंजीकृत या बिना ट्रांसफर के चल रहे वाहनों के दुरुपयोग पर रोक लगाना और सार्वजनिक व राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के अवंतीपोरा में वाहन जांच अभियान को तेज किया गया है। कई प्रमुख स्थानों पर जांच टीमें तैनात कर दस्तावेजों और अद्यतन स्वामित्व रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहनों को जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
शोपियां जिले में एक सप्ताह चले अभियान के दौरान अन्य राज्यों के पंजीकरण वाले 144 वाहनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, ये वाहन बिक्री के बाद भी ओनरशिप ट्रांसफर कराए बिना सड़कों पर चल रहे थे। गांदरबल जिले में पुलिस ने मोटर व्हीकल विभाग के सहयोग से विभिन्न स्थानों पर नाके लगाकर संयुक्त जांच की और नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कदम उठाए। पुलवामा, कुलगाम और अनंतनाग जिलों में भी चेकपॉइंट्स पर वाहनों की जांच के दौरान नियम तोड़ने और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के कई वाहन जब्त किए गए। वहीं, बडगाम जिले में पुलिस ने 11 ऐसे वाहनों को जब्त किया, जो केंद्र शासित प्रदेश के बाहर से लाए गए थे लेकिन वर्तमान उपयोगकर्ताओं के नाम पर उनका स्वामित्व हस्तांतरित नहीं था। पुलिस ने इसे मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन और गंभीर सुरक्षा जोखिम बताया।
पुलिस की अपील
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे स्वामित्व हस्तांतरण की सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करें और वैध दस्तावेज हमेशा साथ रखें। पुलिस ने चेतावनी दी कि बिना ट्रांसफर वाले वाहनों का दुरुपयोग आपराधिक या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों जैसे तस्करी या अवैध सामान की ढुलाई में किया जा सकता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। पुलिस के अनुसार, दिल्ली कार ब्लास्ट में इस्तेमाल की गई पुरानी कार का ओनरशिप ट्रांसफर न होना इस अभियान की पृष्ठभूमि में प्रमुख चिंता का विषय रहा है। ऐसे प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेंगे।






