वेनेजुएला में जारी राजनीतिक और सुरक्षा घटनाक्रम को लेकर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि भारत वहां की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और वेनेजुएला के नागरिकों की सुरक्षा व कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है। मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे मौजूदा संकट का समाधान शांति और संवाद के माध्यम से करें, ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या टकराव से हालात और अधिक बिगड़ सकते हैं। भारत ने कहा कि वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम चिंता का विषय है और वहां की बदलती परिस्थितियों पर करीबी निगरानी रखी जा रही है। भारत ने दोहराया कि वह वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और भलाई के समर्थन में खड़ा है। इसके साथ ही, काराकास स्थित भारतीय दूतावास वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के संपर्क में है और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा।
वेनेजुएला को लेकर भारत की ट्रैवल एडवाइजरी
गौरतलब है कि भारत ने वेनेजुएला की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को वेनेजुएला की सभी गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की सख्त सलाह दी है। यह परामर्श राष्ट्रपति निकोलस मादुरो से जुड़े घटनाक्रम के मद्देनजर जारी किया गया है। मंत्रालय ने वेनेजुएला में मौजूद भारतीय नागरिकों से अत्यधिक सतर्क रहने, अपनी आवाजाही और गतिविधियों को सीमित रखने तथा काराकास स्थित भारतीय दूतावास के नियमित संपर्क में रहने को कहा है।
इस बीच, चीन ने भी वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को कथित तौर पर जबरन हिरासत में लेकर देश से बाहर ले जाने के मामले पर गंभीर आपत्ति जताई है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मूल सिद्धांतों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों का खुला उल्लंघन है।
चीन ने बताया कि 3 जनवरी को अमेरिकी बलों द्वारा मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर ले जाने की खबरों पर कई देशों ने आपत्ति दर्ज कराई है। चीन ने अमेरिका से मांग की है कि वह राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करे, उन्हें तत्काल रिहा करे और वेनेजुएला की सरकार को अस्थिर करने के प्रयास बंद करे। साथ ही, चीन ने जोर दिया कि सभी विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीतिक संवाद के जरिए किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम रह सके।






