
अमेरिका में स्थायी रूप से बसने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत 75 तथाकथित ‘हाई-रिस्क’ देशों से आने वाले लोगों के इमिग्रेंट वीजा पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है। हालांकि, इस फैसले का टूरिस्ट, स्टूडेंट और अस्थायी वर्क वीजा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को 75 देशों की सूची जारी करते हुए कहा कि इन देशों से आने वाले प्रवासी बड़ी संख्या में अमेरिकी कल्याण योजनाओं पर निर्भर हो जाते हैं, जो स्वीकार्य सीमा से अधिक है। सरकार का कहना है कि यह कदम ऐसे प्रवासियों की एंट्री रोकने के लिए उठाया गया है, जो अमेरिका में रहकर सरकारी सहायता पर निर्भर हो सकते हैं।
21 जनवरी से लागू होगी रोक
विदेश विभाग के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका आने वाले प्रवासियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना चाहिए और अमेरिकी नागरिकों पर वित्तीय बोझ नहीं बनना चाहिए। यह रोक 21 जनवरी से लागू होगी। सूची में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ईरान, इराक, नेपाल, सोमालिया, सीरिया, रूस, मिस्र, लीबिया, यमन समेत कई देश शामिल हैं।
सरकार ने साफ किया है कि यह प्रतिबंध केवल इमिग्रेंट वीजा पर लागू होगा, जो उन लोगों को दिया जाता है जो अमेरिका में स्थायी रूप से बसना चाहते हैं, जैसे—
- अमेरिकी नागरिक के पति/पत्नी
- अमेरिकी नागरिक से विवाह करने वाले मंगेतर/मंगेतर
- परिवार आधारित ग्रीन कार्ड आवेदक
- कुछ रोजगार आधारित प्रवासी
वहीं, नॉन-इमिग्रेंट वीजा जैसे टूरिस्ट, बिजनेस, मेडिकल, स्टडी और टेम्पररी वर्क वीजा इस फैसले से प्रभावित नहीं होंगे।
किन्हें मिलेगी छूट
विदेश विभाग ने बताया कि प्रभावित देशों के नागरिक वीजा के लिए आवेदन और इंटरव्यू दे सकते हैं, लेकिन रोक की अवधि में किसी भी इमिग्रेंट वीजा को जारी नहीं किया जाएगा। हालांकि, जिन आवेदकों के पास इन 75 देशों के अलावा किसी अन्य देश की वैध नागरिकता और पासपोर्ट है, उन्हें इस प्रतिबंध से छूट मिलेगी। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि यह फैसला तब तक लागू रहेगा, जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि नए प्रवासी अमेरिकी करदाताओं पर बोझ नहीं बनेंगे। पोस्ट में ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति को दोहराया गया।
नए स्क्रीनिंग नियम पहले ही किए गए थे लागू
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में विदेश विभाग ने दुनिया भर के अमेरिकी दूतावासों को संदेश भेजकर कांसुलर अधिकारियों को आव्रजन कानून के ‘पब्लिक चार्ज’ प्रावधान के तहत सख्त स्क्रीनिंग नियम लागू करने के निर्देश दिए थे। इन गाइडलाइंस के अनुसार, जिन आवेदकों के सरकारी लाभों पर निर्भर रहने की आशंका होगी, उन्हें वीजा देने से इनकार किया जा सकता है। इसके लिए स्वास्थ्य, आयु, अंग्रेजी भाषा की दक्षता, वित्तीय स्थिति और दीर्घकालिक चिकित्सा जरूरतों जैसे कई पहलुओं का आकलन किया जाएगा।






