
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका ने अपने शक्तिशाली युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को दक्षिण चीन सागर से पश्चिम एशिया की ओर भेज दिया है। इसी बीच ईरान ने भी अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की आशंका तेज हो गई है। ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते तनाव के बीच यह खबर सामने आई है। न्यूज नेशन की व्हाइट हाउस संवाददाता केली मेयर ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका ने अपने इस प्रमुख युद्धपोत की दिशा बदल दी है। केली मेयर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर यह जानकारी दी है। केली मेयर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य साजो-सामान पश्चिम एशिया की ओर बढ़ रहा है। दक्षिण चीन सागर में तैनात यूएसएस अब्राहम लिंकन को पश्चिम एशिया भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस युद्धपोत को अपने गंतव्य तक पहुंचने में लगभग एक सप्ताह का समय लग सकता है।
चरम पर अमेरिका-ईरान तनाव, ईरान ने बंद किया एयरस्पेस
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका के साथ बढ़ती तनातनी के बीच ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को भी बंद कर दिया है।
ईरान में आर्थिक संकट को लेकर बीते कई दिनों से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इन प्रदर्शनों में अब तक 2600 से अधिक लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान दिया है और मदद भेजने की बात कही है। वहीं, ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह जून जैसी गलती दोबारा न दोहराए। ईरान ने बातचीत और कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने की बात दोहराते हुए आरोप लगाया कि अमेरिका हमेशा कूटनीतिक रास्ते से बचता रहा है।
कितना ताकतवर है यूएसएस अब्राहम लिंकन
यूएसएस अब्राहम लिंकन अमेरिकी नौसेना का निमित्ज श्रेणी का पांचवां परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत है। इसे वर्ष 1989 में अमेरिकी नौसेना में शामिल किया गया था। यह युद्धपोत करीब 97 हजार टन वजनी है और इसकी फ्लाइट डेक लगभग 4.5 एकड़ में फैली हुई है। इसकी कुल लंबाई करीब 1092 फीट है। इस युद्धपोत में चार हैंगर एलीवेटर हैं और यह एक साथ लगभग 90 लड़ाकू विमानों को ले जाने में सक्षम है। इसकी डेक पर अमेरिका के अत्याधुनिक एफ-35सी लड़ाकू जेट तैनात रहते हैं। यूएसएस अब्राहम लिंकन पर पांच हजार से ज्यादा नौसैनिक, मरीन और क्रू मेंबर तैनात रहते हैं। यह युद्धपोत इतना विशाल है कि इसमें अपना अलग जिप कोड, टीवी और रेडियो स्टेशन, अखबार, अग्निशमन केंद्र, लाइब्रेरी, अस्पताल और जनरल स्टोर जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। यही वजह है कि इसे दुनिया के सबसे ताकतवर और बड़े युद्धपोतों में गिना जाता है।





