
24 सैनिकों ने निभाया 24 साल पुराना वादा
नागौर जिले के कड़वासरा की ढाणी में शहीद भागीरथ कड़वासरा की पुत्री सुष्मिता के विवाह समारोह में भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। भारतीय सेना की 13 ग्रेनेडियर्स के 24 जवान ‘पिता’ की भूमिका निभाने पहुंचे और कन्यादान से लेकर आशीर्वाद तक सभी रस्में पूरी कर वर्षों पुराना वचन निभाया। समारोह में कमान अधिकारी सोमेन्द्र कुमार, सेवानिवृत्त कर्नल सुरेश चंद्र राणा सहित कई सैनिक उपस्थित रहे। दुल्हन को गोद में बिठाकर फेरे दिलाने और विदाई के समय जवानों की आंखें नम दिखीं, जबकि पूरा गांव गर्व और सम्मान की भावना से भर उठा।
शौर्य की अमर कहानी
शहीद भागीरथ का जन्म 10 जनवरी 1978 को इसी गांव में हुआ था और वर्ष 1995 में वे सेना में भर्ती हुए। 8 जून 2002 को असम के मिलनपुर क्षेत्र में आतंकवादियों से मुकाबले के दौरान उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए वीरगति प्राप्त की। उनकी वीरता के लिए 26 मार्च 2003 को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। उस समय उनके पीछे पत्नी संतोष देवी और छोटी बेटी सुष्मिता थीं। साथियों ने तभी संकल्प लिया था कि वे परिवार की हर खुशी में साथ रहेंगे, और अब जाकर वह वादा पूरा हुआ।
भावनाओं और गौरव का संगम
संतोष देवी की आंखों में आंसू थे, मगर चेहरे पर गर्व साफ झलक रहा था। ग्रामीणों ने कहा कि आज के दौर में रिश्ते निभाना कठिन हो गया है, लेकिन सेना ने दिखाया कि सच्चा साथ और वचन क्या होता है। यह आयोजन केवल विवाह नहीं, बल्कि सैनिक भाईचारे, कर्तव्यनिष्ठा और वचनबद्धता की जीवंत मिसाल बनकर सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को भावुक और गौरवान्वित कर दिया।






