पश्चिम बंगाल: चुनाव आयोग ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाया

दुष्यंत नारियावाला बने नए मुख्य सचिव संघमित्रा घोष बने नए गृह सचिव

विधानसभा चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव को उनके पदों से हटा दिया है। आयोग ने आईएएस अधिकारी दुश्यंत नारियावाला को नया मुख्य सचिव और संघमित्रा घोष को नया गृह सचिव नियुक्त किया है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के कुछ ही घंटों के भीतर आयोग ने यह निर्णय लिया। रविवार रात जारी आदेश के अनुसार राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटा दिया गया है और उनकी जगह दुष्यंत नारियावाला को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को भी उनके पद से मुक्त कर दिया गया है और उनकी जगह संघमित्रा घोष को गृह विभाग की कमान दी गई है।

दुष्यंत नारियावाला बने नए मुख्य सचिव
नए मुख्य सचिव बनाए गए दुष्यंत नारियावाला वर्ष 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले वे राज्य सरकार के उत्तर बंगाल विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी संभाली है और अतिरिक्त प्रभार के रूप में सिंचाई विभाग का कामकाज भी देख चुके हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें सोमवार दोपहर तीन बजे तक अपना पदभार संभालने का निर्देश दिया है।

संघमित्रा घोष को मिली गृह विभाग की जिम्मेदारी
राज्य के नए गृह सचिव के रूप में संघमित्रा घोष को नियुक्त किया गया है। चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में गृह विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए इस पद को प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम माना जाता है।

डीजीपी और कोलकाता पुलिस आयुक्त पर भी फैसला संभव
सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोलकाता के पुलिस आयुक्त के पद पर भी बदलाव किया जा सकता है। चुनाव की घोषणा के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है, जिसके बाद चुनाव आयोग को प्रशासनिक स्तर पर कई विशेष अधिकार मिल जाते हैं। आयोग आवश्यकता पड़ने पर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादले या पदों में बदलाव का आदेश दे सकता है। पिछले चुनावों में भी आयोग ने कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों का स्थानांतरण किया था। हालांकि शीर्ष स्तर के पदों पर इस तरह के बदलाव अपेक्षाकृत कम देखने को मिलते हैं।

23 और 29 अप्रैल को होगा मतदान
चुनाव आयोग ने रविवार (15 मार्च) को पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की। आयोग के अनुसार राज्य में इस बार दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। चुनाव कार्यक्रम के तहत पहले चरण की अधिसूचना 30 मार्च को और दूसरे चरण की अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी होगी। पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल तथा दूसरे चरण के लिए 9 अप्रैल तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच क्रमशः 7 अप्रैल और 10 अप्रैल को होगी। वहीं उम्मीदवार पहले चरण के लिए 9 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 13 अप्रैल तक अपना नाम वापस ले सकेंगे।

क्या होती है आदर्श आचार संहिता
आदर्श आचार संहिता राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए निर्धारित नियमों और मानकों का एक समूह है, जिसे सभी दलों की सहमति से तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखना है। संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है।

आदर्श आचार संहिता चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही लागू हो जाती है और पूरी चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक प्रभावी रहती है। लोकसभा चुनाव के दौरान यह पूरे देश में लागू होती है, जबकि विधानसभा चुनाव के समय संबंधित राज्य में प्रभावी रहती है।

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