
यहाँ पर है सोने की नक्काशी, और फर्श पर बनी हैं 400 शूरवीरों की कब्र
- संगमरमर के फर्श में समाई हैं करीब 400 शूरवीरों की कब्रें
- बाहर से सादगी, भीतर सोने की शानदार नक्काशी का अद्भुत संगम
- कारावाजियो की प्रसिद्ध पेंटिंग ‘द बिहेडिंग ऑफ सेंट जॉन’ यहां की खास धरोहर
यूरोप के ऐतिहासिक शहर माल्टा में स्थित एक ऐसा चर्च है, जिसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और खूबसूरत गिरजाघरों में शुमार किया जाता है। माल्टा की राजधानी वैलेटा में बना सेंट जॉन्स को-कैथेड्रल चर्च ‘सेंट जॉन द बैपटिस्ट’ को समर्पित है। इस कैथेड्रल की सबसे बड़ी खासियत इसकी बनावट है। बाहर से यह जितना साधारण दिखाई देता है, अंदर से उतना ही भव्य, कलात्मक और आकर्षक नजर आता है। आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक चर्च से जुड़ी कुछ रोचक बातें—
16वीं सदी की ऐतिहासिक विरासत
इस भव्य इमारत का निर्माण 1572 से 1577 के बीच एक शक्तिशाली धार्मिक-सैन्य संगठन द्वारा कराया गया था, जो उस समय माल्टा पर शासन करता था और ईसाई धर्म की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था। इस कैथेड्रल का डिजाइन प्रसिद्ध माल्टीज वास्तुकार गिरोलामो कैसर ने तैयार किया था। करीब पांच वर्षों में निर्मित यह इमारत आज भी अपनी मजबूती और बारीक कारीगरी के लिए जानी जाती है और दुनियाभर से पर्यटकों व श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।
सोने की नक्काशी और भव्य चित्रकारी
कैथेड्रल के अंदर प्रवेश करते ही इसकी भव्यता हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देती है। बाहरी सादगी के विपरीत, अंदर की दीवारें और छतें सोने की बारीक नक्काशी से सजी हुई हैं। इसके साथ ही छतों पर बाइबिल की कहानियों को दर्शाती शानदार चित्रकारी इसे एक भव्य आर्ट गैलरी जैसा रूप देती है।
संगमरमर के फर्श में दफन शूरवीरों की गाथा
इस चर्च का संगमरमर का फर्श भी अपने आप में खास है। पूरे फर्श में करीब 400 से अधिक कब्रें बनी हुई हैं, जो ‘नाइट्स ऑफ सेंट जॉन’ के वीर योद्धाओं और उच्च पदाधिकारियों की हैं। ये कब्रें न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि उत्कृष्ट शिल्पकला का भी बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।
कारावाजियो की अनमोल कृति
सेंट जॉन्स को-कैथेड्रल की सबसे बड़ी धरोहर महान इतालवी चित्रकार कारावाजियो की मशहूर पेंटिंग ‘द बिहेडिंग ऑफ सेंट जॉन द बैपटिस्ट’ है। वर्ष 1608 में बनी यह पेंटिंग संत जॉन के जीवन की उस भावुक घटना को दर्शाती है, जब उनका सिर कलम किया गया था। यह कृति कारावाजियो की उत्कृष्ट रचनाओं में गिनी जाती है और कैथेड्रल का प्रमुख आकर्षण है।






