15 साल से कम आयु के बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल आईडी दिखाना अनिवार्य

भारत से नेपाल जाने वाले यात्रियों के लिए अब नियम और अधिक सख्त कर दिए गए हैं। नेपाल प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सीमा पार करने के लिए हर व्यक्ति के पास वैध पहचान पत्र होना अनिवार्य होगा। इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट जैसे दस्तावेज शामिल हैं। सीमा चौकियों पर सुरक्षा एजेंसियां सघन जांच अभियान चला रही हैं और जिन लोगों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं मिल रहे, उन्हें तत्काल वापस लौटाया जा रहा है। नए नियमों के तहत 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी पहचान सुनिश्चित करना जरूरी कर दिया गया है। ऐसे बच्चों को अब जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल द्वारा जारी पहचान पत्र दिखाना अनिवार्य होगा। बिना इन दस्तावेजों के किसी भी बच्चे को सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। बताया जा रहा है कि यह फैसला सीमा क्षेत्र में बढ़ती अवैध गतिविधियों और घुसपैठ की आशंका को देखते हुए लिया गया है। खासकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के बाद रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के नेपाल में अवैध प्रवेश की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।

नेपाल की ओर से जारी निर्देशों के बाद सोनामनी गोदाम से आमबारी तक करीब 38 किलोमीटर लंबी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मोरंग जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सीमा के दोनों ओर सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है। भारत की ओर से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और नेपाल की ओर से नेपाल पुलिस व एपीएफ के जवान लगातार गश्त कर रहे हैं। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की गहन जांच के बाद ही उसे आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है। रविवार को मेघा-मायागंज, सिकटी-सुनवार्षि और कुर्साकांटा क्षेत्र के इंडो-नेपाल बॉर्डर पर सख्त निगरानी देखने को मिली। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और चेकिंग अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीमा पर आने-जाने वालों की लंबी कतारें लग गईं, खासकर बाइक सवार यात्रियों को ज्यादा इंतजार करना पड़ा। दैनिक मजदूरी के लिए नेपाल जाने वाले मजदूरों को भी अचानक लागू हुई सख्ती के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिनके पास पहचान पत्र नहीं था, उन्हें बिना प्रवेश के ही वापस लौटना पड़ा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल भारतीय नागरिकों पर ही नहीं, बल्कि नेपाल और अन्य देशों के नागरिकों पर भी समान रूप से लागू है। आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और किसी भी प्रकार की अवैध घुसपैठ को रोकने के उद्देश्य से सीमा पर चौकसी बढ़ाई गई है।
दोनों देशों के नागरिकों से अपील की गई है कि वे सीमा पार करते समय अपने साथ आवश्यक पहचान पत्र जरूर रखें, ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।







