
शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों पर ईरानी नौसेना द्वारा फायरिंग की गई। हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में जहाजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और सभी क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं। घटना के बाद भारत सरकार ने ईरानी राजदूत को तलब कर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। वहीं ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है, जिसमें भारत-ईरान के मजबूत रिश्तों का उल्लेख करते हुए स्थिति को सामान्य बताया गया है। शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक प्रभावित जहाजों की पहचान ‘सनमार हेराल्ड’ (कच्चे तेल का टैंकर) और ‘जग अर्नव’ (बल्क कैरियर) के रूप में हुई है। दोनों जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे थे, तभी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौकाओं ने उन पर फायरिंग की। इसके बाद एहतियातन जहाजों को अपना मार्ग बदलना पड़ा। सरकार ने बताया कि डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जहाजों के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही क्षेत्र में मौजूद अन्य भारतीय झंडे वाले जहाजों की भी निगरानी की जा रही है। मरीन ट्रैफिक के अनुसार ‘सनमार हेराल्ड’ इराक से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा था, जबकि ‘जग अर्नव’ सऊदी अरब के अल जुबैल से भारत के लिए रवाना हुआ था।
इस घटनाक्रम के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जलडमरूमध्य को दोबारा बंद करने की कोशिश की जा रही है, जबकि एक दिन पहले इसे खोलने की बात कही गई थी। ट्रंप ने कहा कि बातचीत जारी है, लेकिन ईरान इस मुद्दे पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है और अमेरिका को ब्लैकमेल नहीं कर सकता। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इस घटना पर कहा कि उन्हें ऐसी किसी घटना की स्पष्ट जानकारी नहीं है। उन्होंने दोहराया कि भारत और ईरान के बीच संबंध मजबूत हैं और भारतीय जहाज सामान्य रूप से होर्मुज से सुरक्षित गुजरते रहे हैं। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी।






