बांग्लादेश: संसदीय चुनाव में बीएनपी को पूर्ण बहुमत, तारिक रहमान होंगे प्रधानमंत्री

बांग्लादेश में गुरुवार को 13वें संसदीय चुनाव के तहत 299 सीटों पर मतदान संपन्न हुआ, जबकि मतगणना आज जारी है। अब तक के रुझानों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है। प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के लगभग डेढ़ वर्ष बाद यह पहला आम चुनाव है। मुख्य चुनावी टक्कर बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच रही, जबकि अवामी लीग ने चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतों की गिनती अब भी जारी है।

मस्जिद पहुंचे तारिक रहमान
चुनाव में बड़ी सफलता के बाद बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने मस्जिद पहुंचे। नमाज के बाद उन्होंने देश की शांति और प्रगति के लिए दुआ की। मस्जिद परिसर में समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद रही, जिन्होंने उन्हें जीत की बधाई दी। बाहर निकलते समय उन्होंने समर्थकों का अभिवादन करते हुए देशहित में प्रार्थना करने की अपील की।

जेपी का खाता भी नहीं खुला
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सहयोगी रही जातीय पार्टी (जेपी) इस चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी। पार्टी ने 196 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सभी पर पराजय का सामना करना पड़ा, जिसे उसकी अब तक की सबसे बड़ी चुनावी हार माना जा रहा है। बीएनपी ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने तारिक रहमान को उनकी निर्णायक जीत पर शुभकामनाएं दीं। पार्टी की चुनाव समन्वय समिति के प्रमुख नजरुल इस्लाम खान ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के संदेश के लिए कृतज्ञ हैं और उन्हें विश्वास है कि रहमान के नेतृत्व में दोनों देशों के रिश्ते और जनस्तर का भरोसा मजबूत होगा। बीएनपी ने ढाका, बारिसल और तंगेल सहित प्रमुख जिलों में जीत दर्ज की है। तंगेल की आठ में से सात सीटें तथा ढाका क्षेत्र की सभी सीटें पार्टी के खाते में गई हैं।

ममता बनर्जी ने दी बधाई
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीएनपी की जीत पर तारिक रहमान को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश साझा करते हुए बांग्लादेश की जनता को शुभकामनाएं दीं और रमजान की अग्रिम मुबारकबाद भी दी। उन्होंने आशा जताई कि भारत-बांग्लादेश संबंध सौहार्दपूर्ण बने रहेंगे।

सात महिला उम्मीदवार विजयी
अनौपचारिक परिणामों के अनुसार 13वें राष्ट्रीय चुनाव में सात महिला प्रत्याशी संसद पहुंचने में सफल रहीं। इनमें बीएनपी की छह उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों से विजयी हुईं, जिन्होंने धान के बंडल चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ा था। विजेता उम्मीदवारों में अफरोजा खान रीता (मणिकगंज-3), इसरत सुल्ताना एलेन भुट्टो (झालोकाटी-2), ताहसीना रुशदीर लूना (सिलहट-2), शमा ओबैद (फरीदपुर-2), नायब यूसुफ कमाल (फरीदपुर-3) और फरजाना शारमिन पुतुल (नटोर-1) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बारिस्टर रूमिन फरहाना ब्रह्मणबाड़ी-2 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुईं, जिन्हें पहले बीएनपी से निष्कासित किया जा चुका था।

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