जुबीन गर्ग की मौत के मामले में किसी साजिश का शक नहीं -सिंगापुर पुलिस

जुबीन गर्ग की मौत के मामले में असम पुलिस ने श्यामकानू महंता, सिद्धार्थ शर्मा, शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रवा महंता के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा ने नशे की हालत में जुबीन गर्ग को समुद्र में तैरने के लिए उकसाया था।

असम के प्रसिद्ध दिवंगत गायक जुबीन गर्ग की मौत को लेकर सिंगापुर से एक अहम बयान सामने आया है। सिंगापुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार की साजिश के संकेत नहीं मिले हैं। जुबीन गर्ग की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
गुरुवार को जारी बयान में सिंगापुर पुलिस बल (एसपीएफ) ने बताया कि सिंगापुर कोरोनर्स अधिनियम, 2010 के तहत जांच प्रक्रिया अभी चल रही है। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में मौत के पीछे किसी षड्यंत्र का संदेह नहीं पाया गया है। जांच पूरी होने के बाद इसके निष्कर्ष सिंगापुर के राज्य कोरोनर को सौंपे जाएंगे, जो इस मामले में कोरोनर जांच (सीआई) करेंगे। यह जांच जनवरी और फरवरी 2026 में प्रस्तावित है। एसपीएफ ने बताया कि कोरोनर जांच एक तथ्यात्मक प्रक्रिया होती है, जिसका उद्देश्य मौत के कारण और परिस्थितियों का पता लगाना होता है। जांच पूरी होने के बाद इसके नतीजे सार्वजनिक किए जाएंगे।
सिंगापुर पुलिस ने कहा कि वह इस मामले की निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से जांच करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस ने संबंधित सभी पक्षों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और आम जनता से अनुरोध किया है कि वे किसी भी तरह की अटकलें न लगाएं और अपुष्ट सूचनाएं साझा न करें। इस बीच, जुबीन गर्ग की मौत की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पिछले सप्ताह भारत की एक अदालत में दाखिल आरोपपत्र में गायक के सचिव सिद्धार्थ शर्मा और महोत्सव आयोजक श्यामकानू महंता सहित चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि जुबीन गर्ग को 20 सितंबर को सनटेक सिंगापुर कन्वेंशन एंड एग्ज़ीबिशन सेंटर में आयोजित चौथे पूर्वोत्तर भारत महोत्सव में प्रस्तुति देनी थी।

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