
राजधानी दिल्ली से पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली अनेक अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण रद्द या विलंबित हो गई हैं। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने जानकारी दी है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों का असर उड़ानों की समय-सारणी पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। डायल ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से अपील की है कि वे हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से ताजा उड़ान स्थिति की पुष्टि कर लें। आवश्यकता पड़ने पर एयरलाइंस द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक मार्गों और कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर भी विचार करने की सलाह दी गई है।
80 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द
समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और कई देशों के एयरस्पेस बंद होने के कारण मंगलवार सुबह तक दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर कुल 80 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गईं। इनमें 36 प्रस्थान (डिपार्चर) और 44 आगमन (अराइवल) शामिल हैं। पिछले तीन दिनों में भारतीय एयरलाइंस द्वारा 1,117 विदेशी उड़ानों को रद्द किया जा चुका है। रोजाना 1,300 से अधिक उड़ानों के संचालन वाले दिल्ली एयरपोर्ट पर यह स्थिति यात्रियों के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। दुबई से दिल्ली पहुंचे यात्रियों ने बताया कि वहां सामान्य स्थिति तो बनी हुई है, लेकिन उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक यात्री ने बताया कि एयरलाइंस ने मार्गदर्शन दिया और स्थानीय प्रशासन भी सहयोग कर रहा है, हालांकि लंबे समय तक ठहरने का खर्च अधिक है।
एयरस्पेस बंद, वैकल्पिक मार्गों से संचालन
अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद कई पश्चिम एशियाई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। जवाबी कार्रवाई में ईरान द्वारा मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने की भी खबरें हैं। इस बीच, दुबई से मुंबई के लिए एमिरेट्स की एक उड़ान सुरक्षित उतरी, जबकि अबू धाबी से बेंगलुरु के लिए उड़ान सोमवार रात केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंची। दुबई एयरपोर्ट पर 2 मार्च की शाम से आंशिक रूप से परिचालन फिर शुरू होने की सूचना है। अबू धाबी में फंसे यात्रियों ने एतिहाद एयरवेज द्वारा की गई होटल और आवास व्यवस्था की सराहना की।
सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, भारत मध्य पूर्व की हवाई क्षेत्र स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। भारतीय एयरलाइंस प्रतिबंधित हवाई क्षेत्रों से बचते हुए वैकल्पिक मार्गों से लंबी दूरी की उड़ानों का संचालन कर रही हैं। फंसे हुए यात्रियों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
मौजूदा संकट ने अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र को अस्थायी रूप से प्रभावित किया है, वहीं यात्रियों को यात्रा से पूर्व सतर्क रहने और आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।






