
खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के असर से पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में बड़ा इजाफा किया गया है। वहां पेट्रोल के दाम में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमत 335 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।

पाकिस्तान सहित कई देशों में बढ़े दाम
खाड़ी क्षेत्र में तनाव के चलते पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जिससे वहां पेट्रोल 335 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। इसके अलावा अमेरिका, यूरोप और इजराइल में भी ईंधन की कीमतों में वृद्धि दर्ज की गई है। खाड़ी देशों में जारी संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहा है। ईरान पर हमलों के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। बताया जाता है कि ईरान से दुनिया भर में करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है। आपूर्ति में बाधा आने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है। इसके चलते कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने लगे हैं। यदि यह स्थिति बनी रहती है तो भारत में भी जल्द ही ईंधन महंगा होने की संभावना है।
पेट्रोल पंपों पर लगी वाहनों की कतारें
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी स्थिति का प्रभाव भारत समेत कई देशों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी संभावना के चलते शनिवार को ग्रेटर नोएडा के कई पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ देखने को मिली। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोग अपनी कार व बाइक के टैंक फुल कराते नजर आए। वहीं प्रशासन भी पेट्रोलियम कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात का असर हर जगह पड़ रहा है और कंपनियां यहां भी कीमतों में वृद्धि की तैयारी कर सकती हैं।
तेल की कीमतों में संभावित वृद्धि की आशंका के चलते शनिवार शाम शहर के कुछ पेट्रोल पंपों पर काफी भीड़ देखी गई। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के समृद्धि ग्रैंड एवेन्यू निवासी संजीव के अनुसार, एक मूर्ति गोल चक्कर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर शाम के समय वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई थी। बड़ी संख्या में लोग अपनी बाइक और कारों के टैंक फुल करा रहे थे, ताकि भविष्य में कीमत बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त खर्च से बचा जा सके। जिला आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल तेल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केवल आशंका है। पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से अभी तक किसी तरह की आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है। हालांकि प्रशासन लगातार कंपनियों के संपर्क में है और स्थिति पर नजर रखे हुए है। फिलहाल कीमतों में वृद्धि को लेकर कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।






