
28 फरवरी से शुरू हुआ सैन्य टकराव अब चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका और इस्राइल की संयुक्त कार्रवाई के बाद ईरान ने भी तीव्र जवाबी हमले शुरू कर दिए हैं। इस बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ जारी अभियान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई लंबा खिंचने वाला युद्ध नहीं होगा और न ही इसे वर्षों तक चलने दिया जाएगा। उनके अनुसार जल्द ही निर्णायक सैन्य कदम उठाए जाएंगे। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले लगातार जारी हैं। शुरुआती 30 घंटों में ईरान पर दो हजार से अधिक बम गिराए जाने और एक हजार से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, ईरान में मृतकों की संख्या बढ़कर 742 बताई जा रही है।
युद्ध को लेकर नेतन्याहू का बड़ा बयान
फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज और निर्णायक होगी। उन्होंने दोहराया कि इस संघर्ष को अंतहीन युद्ध में बदलने का कोई इरादा नहीं है। उनका कहना था कि यह अभियान क्षेत्र में स्थिरता और शांति का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। नेतन्याहू के मुताबिक, मौजूदा कार्रवाई का उद्देश्य लंबे समय तक संघर्ष बनाए रखना नहीं, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस घटनाक्रम से क्षेत्रीय देशों के साथ इस्राइल के संबंध सामान्य करने के लिए नए समझौतों का रास्ता खुल सकता है।
ईरान को लेकर इस्राइल का रुख
इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका देश ईरान के साथ लंबी अवधि के युद्ध में उलझना नहीं चाहता। सत्ता परिवर्तन को लेकर उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय ईरान की जनता का होगा, हालांकि अमेरिका और इस्राइल ऐसी परिस्थितियां बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे वहां के नागरिक अपने भविष्य का फैसला कर सकें। इस्राइल का दावा है कि मौजूदा सैन्य अभियान सीमित समय तक ही चलेगा।
ईरान संघर्ष पर जेडी वेंस की प्रतिक्रिया
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उन दावों को खारिज किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने ‘अंतहीन युद्धों से बचने’ के वादे से पीछे हट रहे हैं। फॉक्स न्यूज से बातचीत में वेंस ने कहा कि ईरान पर की जा रही कार्रवाई का स्वरूप इराक और अफगानिस्तान जैसे लंबे युद्धों से अलग है, क्योंकि इसका उद्देश्य स्पष्ट रूप से निर्धारित है। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका को बिना ठोस लक्ष्य के वर्षों तक चलने वाले संघर्ष में नहीं झोंकेंगे। इस सैन्य कार्रवाई का प्रमुख मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके।





