इस समय भारतीय छात्र स्टूडेंट वीज़ा के गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। कई छात्रों को विश्वविद्यालयों में दाखिला मिलने और फीस जमा करने के बावजूद पढ़ाई के लिए अमेरिका जाने का वीज़ा नहीं मिल रहा है। क्योंकि अमेरिका ने एडमिशन मिलने के बावजूद भारतीय छात्रों को वीज़ा देने में बड़ी कमी कर दी है। बीते दो महीनों में भारतीय छात्रों को जारी किए गए वीज़ा की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 45–50% घट गई है।
अमेरिका के इंटरनेशनल ट्रेड एडमिनिस्ट्रेशन के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई और अगस्त 2025 में भारतीय छात्रों को जारी किए गए स्टूडेंट वीज़ा में भारी गिरावट दर्ज की गई है। जुलाई में वीज़ा की संख्या 24,298 से घटकर 13,027 रह गई, जबकि अगस्त में यह 74,825 से गिरकर 41,540 पर आ गई। इसके विपरीत, चीन के छात्रों के वीज़ा में केवल 12.4% की कमी हुई। अगस्त में चीनी छात्रों को 86,647 वीज़ा जारी किए गए, जो भारतीय छात्रों को मिले वीज़ा की तुलना में लगभग दोगुने हैं।
जुलाई-अगस्त: छात्रों के लिए अहम समय
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट से भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करना और भी मुश्किल हो सकता है। जुलाई और अगस्त वे प्रमुख महीने होते हैं जब अधिकांश नए छात्र शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले अमेरिका पहुंचते हैं। उल्लेखनीय है कि अगस्त 2025 में कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों का आगमन लगभग 3,13,138 रहा, जो पिछले साल की तुलना में करीब 19% कम है।






