भारत के पास पेट्रोल तथा एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध- हरदीप सिंह पुरी

मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ रही हैं। इस पर भारत सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए भरोसा दिलाया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलएनजी और एलपीजी की किसी प्रकार की कमी नहीं है। केंद्र सरकार का कहना है कि ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पर्याप्त भंडारण और उत्पादन क्षमता सुनिश्चित की गई है, जिससे आम नागरिकों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस विषय पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि वर्तमान में भारत के पास लगभग 60 से 69 दिनों तक के लिए कच्चे तेल और एलएनजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है, जबकि एलपीजी का स्टॉक करीब 45 दिनों की मांग को पूरा करने में सक्षम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी कमी या ‘ड्राईआउट’ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है।

ऊर्जा स्थिति पर सरकार की सतत निगरानी
सीआईआई के वार्षिक बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि आपूर्ति श्रृंखला सुचारु रूप से संचालित हो रही है और किसी भी संभावित व्यवधान से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। उनके अनुसार, भारत ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को जिम्मेदारी और रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ संभाला है। वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष को देखते हुए सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए एलपीजी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले जहां देश में प्रतिदिन लगभग 35 से 36 हजार टन एलपीजी का उत्पादन होता था, वहीं अब इसे बढ़ाकर करीब 54 हजार टन प्रतिदिन कर दिया गया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय भविष्य की अनिश्चितताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है।

प्रधानमंत्री की अपील को बताया दूरदर्शी चेतावनी
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से ईंधन की बचत और आर्थिक अनुशासन अपनाने की अपील की थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह अपील एक तरह की दूरदर्शी चेतावनी है, जो नागरिकों और नीति-निर्माताओं को भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के प्रति सजग करती है। प्रधानमंत्री ने लोगों को मेट्रो का अधिक उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करने, रेल यात्रा को प्राथमिकता देने और वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्पों को अपनाने की सलाह दी है। इसके साथ ही उन्होंने अनावश्यक विदेशी यात्राओं और सोने की खरीद से बचने की भी अपील की, ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

कुल मिलाकर, वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर ठोस तैयारी कर रखी है। पर्याप्त भंडारण, उत्पादन में वृद्धि और सतत निगरानी के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि देश में ईंधन आपूर्ति बाधित न हो और आम जनजीवन सामान्य बना रहे।

विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading