एमपी: अदालत ने ट्विशा शर्मा के शव के दोबारा पोस्टमार्टम की मांग खारिज की

भोपाल जिला अदालत ने ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में उनके शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को खारिज कर दिया है। अदालत ने साथ ही कटारा हिल्स थाना पुलिस को निर्देश दिए हैं कि शव को सड़ने (डीकंपोज होने) से बचाने के लिए राज्य की उन्नत सुविधाओं वाली मॉर्च्युरी में सुरक्षित रखा जाए।

राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में रहने वाली ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में परिजनों को जिला एवं सत्र न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। परिजनों ने पोस्टमार्टम प्रक्रिया और रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दिल्ली स्थित एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी, जिसे लेकर उन्होंने अदालत में याचिका दायर की थी। उल्लेखनीय है कि 13 मई को भोपाल एम्स में ट्विशा का पोस्टमार्टम किया गया था और उसकी रिपोर्ट भी जारी हो चुकी है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि पहला पोस्टमार्टम भोपाल एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में विधिवत किया गया है और मामले की जांच अभी जारी है। अदालत ने यह भी कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 197 के तहत जिला अदालत के अधिकार क्षेत्र सीमित हैं और वह अपने क्षेत्र से बाहर, जैसे दिल्ली या अन्य शहर में पोस्टमार्टम या जांच के आदेश नहीं दे सकती। इस आधार पर अदालत ने पुनः पोस्टमार्टम की मांग को खारिज कर दिया। माना जा रहा है कि अब परिजन उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट और संघर्ष के कुछ निशान मिलने के बाद परिजनों ने संदेह जताया था और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने पर जोर दिया। इसी के चलते उन्होंने अदालत में याचिका दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई के बाद फैसला सुनाया गया।

रिटायर्ड जज को हटाने की मांग
मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में, ट्विशा के परिजनों ने रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह को जिला उपभोक्ता फोरम से हटाने की मांग करते हुए राज्यपाल को पत्र लिखा है। परिजनों का आरोप है कि गिरीबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज है, ऐसे में उन्हें पद पर बने रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए। भोपाल पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। फरार आरोपी समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पहले 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे अब बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया है। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की छह टीमें लगातार काम कर रही हैं, जिसमें साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की भी मदद ली जा रही है। पुलिस आयुक्त के अनुसार, विशेष जांच दल मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, जिसमें गले पर मिले निशान बेल्ट से फांसी लगाने के बताए गए हैं। घटना के दो दिन के भीतर ही एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि परिजनों द्वारा उठाए गए मुद्दे पर विभागीय स्तर पर चर्चा की जाएगी और कानूनी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे निर्णय लिया जाएगा कि उपभोक्ता फोरम के न्यायाधीश को हटाया जा सकता है या नहीं।

पुलिस का पक्ष और शव संरक्षण की स्थिति
कटारा हिल्स थाना पुलिस ने ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा को एक पत्र सौंपा, जिसमें बताया गया कि एम्स भोपाल में शव को माइनस 6 डिग्री सेल्सियस पर रखा गया है। हालांकि, लंबे समय तक शव को सुरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है, जो वहां उपलब्ध नहीं है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि उसे दोबारा पोस्टमार्टम से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन शव के सुरक्षित संरक्षण के लिए परिजनों को जल्द निर्णय लेने की सलाह दी गई है।


विशिखा मीडिया

विशिखा ने जनवरी 2019 से राजस्थान की राजधानी जयपुर से हिंदी मासिक पत्रिका के रूप में अपनी नींव रखी। राजस्थान में सफलता का परचम फहराने के बाद विशिखा प्रबंधन ने अप्रैल 2021 से उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मासिक पत्रिका के रूप में अपना प्रकाशन आरम्भ करने का निर्णय लिया। इसी बीच लोगों की प्रतिक्रियाएं आईं कि विशिखा का प्रकाशन दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी होना चाहिये। पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए विशिखा प्रबंधन ने 1 जनवरी 2022 से जयपुर से दैनिक समाचार पत्र के रूप में भी अपना प्रकाशन आरम्भ किया। विशिखा में प्रमुख रूप से राजनैतिक गतिविधियों सहित, कला, समाज, पर्यटन, एवं अन्य विषयों से संबंधित विस्तृत आलेख प्रकाशित होते हैं। विशिखा पत्रिका ने अपने विस्तृत आलेखों और दैनिक न्यूज़ विश्लेषण के माध्यम से अपने पाठकों को जानकारी और ज्ञान की दुनिया में ले जाने का महत्वपूर्ण काम किया है। अपनी सटीक खबरों, विस्तृत रिपोर्टों और विशेष विषयों पर आधारित लेखों के साथ, विशिखा ने लगातार अपनी विश्वसनीयता बनायी हुई है। विशिखा मासिक पत्रिका की खबरों की गुणवत्ता, नवीनता और सटीकता को ध्यान में रखते हुए इस पत्रिका ने अपने पाठकों का दिल जीता है। यह पत्रिका न केवल जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि लोगों के बीच अपने विचारों के आदान प्रदान के लिए एक मंच भी उपलब्ध करती है। इसके लेखक, संपादक और टीम का प्रयास निरंतर यह होता है कि पाठकों को एक अच्छा अनुभव देने के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक मुद्दों के साथ-साथ समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। विशिखा का लक्ष्य आपको विभिन्न विषयों पर अद्भुत लेखों से परिचित कराना है। पत्रिका के माध्यम से हम लेखकों, संगठनों, एवं समाज के प्रतिष्ठित और सामान्य लोगों को उनकी रचनात्मक योग्यताओं के आधार पर साझा करने का प्रयास करना है। पत्रिका टीम का मूल मंत्र है- रचनात्मकता, नैतिकता और उच्चतम गुणवत्ता। विशिखा हिंदी मासिक पत्रिका है जो 2019 में शुरू हुई थी। वर्तमान में यह राजस्थान और उत्तराखंड से प्रकाशित की जाती है। इसमें विभिन्न विषयों पर लेख शामिल होते हैं जैसे कि करंट अफेयर्स, साहित्य, महिलाएं, यात्रा और अधिक। हमारी पत्रिका उन लोगों के लिए है जो ज्ञान और सूचना की तलाश में होते हैं और उन्हें उन विषयों से रुबरु कराने का एक मंच प्रदान करती हैं।

Leave a Reply

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading