10 दिन में तीसरी बार बढ़े ईंधन के दाम, पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर इजाफा किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा है। शनिवार को पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले 10 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे महंगाई को लेकर चिंता और गहराती जा रही है। राजधानी दिल्ली में नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 91 पैसे महंगा होकर 92.49 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। लगातार बढ़ रही कीमतों ने आम लोगों के साथ-साथ कारोबारियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ रहा है, जहां कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा विदेशों से आता है। पिछले कुछ दिनों में वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसके चलते घरेलू स्तर पर ईंधन के खुदरा दाम बढ़ाने पड़े हैं। यही कारण है कि तेल कंपनियां लगातार तीसरी बार कीमतों में वृद्धि करने को मजबूर हुई हैं।

आम जनता और बाजार पर असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का सबसे सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। निजी वाहनों से आने-जाने वाले लोगों का खर्च बढ़ेगा, वहीं डीजल महंगा होने से परिवहन लागत में भी इजाफा होगा। इसका असर ट्रकों, बसों और माल ढुलाई पर पड़ेगा, जिससे रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं जैसे सब्जियां, फल, दूध और अन्य आवश्यक सामान महंगे हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने मध्यम वर्ग, छोटे व्यापारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।




