संसद के शीतकालीन सत्र का शुक्रवार को पांचवां दिन है. टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कैश-फॉर-क्वेरी आरोपों पर लोकसभा में एथिक्स कमेटी ने रिपोर्ट पेश कर दी. रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की गई है. साथ ही रिपोर्ट में महुआ के खिलाफ आरोपों को गंभीर बाताया गया है और कार्रवाई की मांग की गई है. रिपोर्ट पेश होने के बाद संसद में विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया और नारे लगाए. हंगामे को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई. कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पूछा कि महुआ मोइत्रा पर एक्शन की इतनी जल्दी क्या है? सांसद ने कहा, महुआ को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए, लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने ‘कैश फॉर क्वेरी’ केस से जुड़ी जांच पूरी कर ली है. कमेटी ने गुरुवार को महुआ मोइत्रा से जुड़े इस केस की ड्राफ्ट रिपोर्ट को अडॉप्ट कर लिया. इस रिपोर्ट में महुआ को संसद से निष्कासित करने का प्रस्ताव है. अब गेंद लोकसभा अध्यक्ष के पाले में है.
एथिक्स कमेटी की ये रिपोर्ट अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंप दी गई है. अब इस रिपोर्ट को संसद में पेश किया जाएगा. इसके बाद इसपर संसद में वोटिंग होगी. लोकसभा के पूर्व सेक्रेटरी जनरल पीटीडी आचार्य ने कहा ये शायद पहली बार है जब लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने किसी सांसद के निष्कासन का प्रस्ताव दिया हो. उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2005 में 11 सांसदों को दूसरे कैश-फॉर-क्वेरी केस में निष्कासित किया गया था. लेकिन तब इसकी सिफारिश राज्य सभा एथिक्स कमेटी और लोकसभा की जांच कमेटी ने की थी. संसद के अगले सत्र में कमेटी के चेयरमैन इस रिपोर्ट को सदन में रखेंगे. फिर इसपर बहस होगी. इसके बाद महुआ को निष्कासित किया जाए या नहीं इसपर बहस होगी.



