
नीलगाय से टकराकर गिरा था तस्कर, हादसे में खुला तस्करी का राज
बीकानेर जिले के पूगल क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नीलगाय से टकराकर गिरे स्कूटी सवार के पास से करीब 14 किलो हेरोइन बरामद की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 70 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह खेप पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए खाजूवाला बॉर्डर क्षेत्र में गिराई गई थी। जानकारी के अनुसार, तड़के करीब चार बजे पूगल के पास एक संदिग्ध युवक स्कूटी से जा रहा था, तभी अचानक नीलगाय से टकराकर गिर पड़ा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्कूटी की तलाशी ली, जिसमें छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई। घायल युवक की पहचान पाली जिले के सोजत क्षेत्र के रेपड़वास निवासी खेताराम के रूप में हुई है। वह खाजूवाला से पूगल की ओर जा रहा था और दुर्घटना पूगल से करीब सात किलोमीटर पहले हुई। घायल को 108 एम्बुलेंस की सहायता से पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी फिलहाल बेहोश है और होश में आने के बाद तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। मौके से उसका आधार कार्ड मिला है, जबकि स्कूटी किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत पाई गई है, जिसकी तलाश जारी है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इतनी बड़ी खेप लेने के लिए युवक अकेला नहीं हो सकता। आशंका जताई जा रही है कि उसके साथी आसपास मौजूद थे, जो हादसे के बाद फरार हो गए। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन के जरिए हो रही सप्लाई और स्थानीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी हैं। सूत्रों के मुताबिक, पंजाब सीमा पर सख्ती बढ़ने के बाद तस्करों ने बीकानेर-श्रीगंगानगर बेल्ट को नया मार्ग बनाना शुरू कर दिया है। पिछले चार महीनों में ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ गिराए जाने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। हालिया घटनाओं पर नजर डालें तो 9 जनवरी को चक 40 केजेडी में हेरोइन बरामद हुई, 11 फरवरी को चक 1 बीएम क्षेत्र में नशीला पदार्थ मिला, 26 फरवरी को चक 24 केएनडी में पिस्तौल और कारतूस बरामद किए गए, जबकि 21 अप्रैल को पूगल मार्ग पर स्कूटी से 14 किलो हेरोइन पकड़ी गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करों ने जांच से बचने के लिए बड़ी गाड़ियों के बजाय स्कूटी जैसे छोटे वाहन का इस्तेमाल किया, ताकि नाकाबंदी के दौरान कम शक हो। इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन का स्कूटी के जरिए परिवहन सीमावर्ती सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस मामला दर्ज करने की प्रक्रिया में है और आरोपी के होश में आने का इंतजार किया जा रहा है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।





