यूपी में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन संबंधी कुछ नियमों को बदल दिया है। उत्तर प्रदेश में सड़क हादसे में मौतो की संख्या के साथ घायलों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है, राज्य में अक्टूबर 2023 तक सड़क हादसे में पिछले वर्ष की अपेक्षा 6.6 फ़ीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, सड़क हादसों में कमी लाने के लिए सरकार ने परिवहन संबंधी को नियमों को और ज्यादा सख्त बना दिया है। जानकारी के मुताबिक परिवहन विभाग के द्वारा यूपी में रोड ऐक्सिडेंट में होने वाली दुर्घटना को कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं जिसके लिए 15 से 31 दिसम्बर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमे वाहनों की फिटनेस को भी चेक किया जाएगा,
इसके साथ वाहनों के चालको का भी फिटनेस चेक किया जाएगा. यही नहीं उनके फिटनेस न होने पर उनको गाड़ी चलाने से रोक दिया जाएगा और इसके साथ लाइसेंस भी कैसल करने की बात कही गई है, सभी फिट चालको को फिटनेस कार्ड भी दिया जाएगा. इसके साथ अगर किसी चालक का तीन बार से ज्यादा चालान कटा है तो उसका लाइसेंस कैंसिल कर दिया जाएगा, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक इसके लिए सभी को निर्देश दे दिया गया है. चालक की फिटनेस के लिए कार्ड बनाए जाए, उनका फिटनेस चेक किया जाए कि वह गाड़ी चलाने के लिए फिट है या नहीं. अगर चालक किसी भी मायने में फिट नहीं पाए जाएंगे तो उनका लाइसेंस भी कैंसिल किया जाएगा।
15 दिन में जारी होगा फिटनेस सर्टिफिकेट–
अगर निरीक्षण कर्ता अधिकारी के जरिए वाहन, अधिनियम और नियमावली के नियम के अनुपालन के अनुरूप पाया जाता है तो फिटनेस सर्टिफिकेट 15 दिन में जारी कर दिया जायेगा, इसके बाद अगला प्रमाण पत्र जहां वाहन की रजिस्ट्री हुई है, वही किसी अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र से प्राप्त किया जाएगा।





