शिवराज ने कहा, “अरे मोहन जी, खड़े तो हो जाइए”
राजेश शुक्ला और जगदीश देवड़ा उप मुख्यमंत्री, और नरेंद्र सिंह तोमर विधानसभा स्पीकर होंगे
मध्यप्रदेश में बीजेपी ने चौंकाते हुए मोहन यादव को मुख्यमंत्री बना दिया है. ये फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला था, क्योंकि पार्टी के तमाम बड़े नेता और खुद मोहन यादव को इसका अंदाजा नहीं था. सोमवार को मध्य प्रदेश के पर्यवेक्षक और हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने विधायक दल की बैठक में मोहन यादव के नाम का ऐलान किया. इसके बाद उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से कहा कि वो सीएम पद के लिए मोहन यादव के नाम का प्रस्ताव पेश करें। दिलचस्प बात ये है कि जब ये सब हो रहा था, तब मोहन यादव आखिरी कतार में बैठे हुए थे. तभी शिवराज ने उनसे कहा, ‘अरे मोहन जी, खड़े तो हो जाइए.’ इस प्रस्ताव का समर्थन करने वालों में नरेंद्र तोमर, कैलाश विजयवर्गीय राजेंद्र शुक्ला और अन्य लोग थे.
आखिर कौन है मोहन यादव
मोहन यादव को संघ का करीबी माना जाता है. वह उज्जैन दक्षिण से तीन बार के विधायक हैं. शिवराज सरकार में वह उच्च शिक्षा मंत्री थे. वह 2013 में पहली बार विधायक बने थे. इसके बाद 2018 में उन्होंने दूसरी बार उज्जैन दक्षिण सीट से चुनाव जीता. मार्च 2020 में शिवराज सरकार के दोबारा बनने के बाद जुलाई में उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया था. 2 जुलाई 2020 को शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट में मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद सूबे की राजनीति में उनका कद बढ़ा.
उनका जन्म 25 मार्च 1965 को मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुआ था. वह कई सालों से बीजेपी के साथ थे. इसके साथ ही वह लगातार तीसरी बार विधायक बने. उन्होंने उज्जैन दक्षिण सीट से कांग्रेस के चेतन प्रेम नारायण को 12,941 वोटों से हराया था। 58 साल के मोहन यादव बीते 30 सालों से बीजेपी से जुड़े हुए हैं. वह हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर काफी मुखर रहे हैं और बांग्लादेशी घुसपैठ जैसे मुद्दों पर वह संघ के साथ काम कर चुके हैं।




