यूँ तो हमारा देश प्राचीन तथा ऐतिहासिक स्थलों का धनी है। इसके बाबजूद यहाँ कुछ ऐसी जगहें हैं जो भारत के पर्यटन स्थल की विशेष खूबसूरती को दर्शाते हैं। पर्यटन की दृष्टि से विशेष राज्यों की सूची में राजस्थान का नाम अग्रणी पंक्ति में रखा जाता है। राजस्थान अपने ऐतिहासिक स्थलों के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। इसी खूबसूरती को निहारने के लिए हर साल काफी संख्या में पर्यटक राजस्थान आते हैं। आज हम आपको पर्यटन की दृष्टि से राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के विषय में विस्तृत जानकारी दे रहे हैं।
शेखावाटी क्षेत्र राजस्थान एवं हरियाणा की सीमाओं से लगा हुआ एक पर्यटन स्थल है। सीकर झुंझुनूं चूरू आदि जिले शेखावाटी क्षेत्र में आते हैं। यदि आप राजस्थान के निवासी हैं या फिर घूमनें के लिए राजस्थान पधारें हैं तो शेखावाटी के ऐतिहासिक तथा अद्भूत किलों तथा अन्य खूबसूरत जगहों का दर्शन करने अवश्य जाएं।
शेखावाटी का इतिहास
शेखावाटी को मनुस्मृति के अनुसार, ब्रह्मऋषि देश के अन्तर्गत रखा गया था। रामायण काल में शेखावाटी को मरुकांतर देश में रखा गया। इसके पश्चात् महाभारत काल तक शेखावाटी पर मत्स्य साम्राज्य अर्थात् मछुआरों के वंशजों का शासन रहा। सर्वविदित है कि हिन्दू धर्म के प्राचीन वेदों को भी इसी भूमि पर लिखा तथा संकलित किया गया था। यदि प्राचीन काल की बात करें तो उस समय गणराज्यों का संयोजन ही जनपद कहलाता था। शेखावाटी को इसी जनपद की श्रेणी में रखा गया था। गुप्त वंश की समाप्ति के बाद शेखावत राजपूत यहाँ के प्रसिद्ध शासक रहे, तथा आजादी तक शेखावाटी पर शेखावत राजपूत का ही शासन स्थापित रहा था।
शेखावाटी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल
यदि आप शेखावाटी घूमने की योजना बना रहे हैं तो यह जरूरी है, कि आपको शेखावाटी में मौजूद पर्यटन स्थलों की जानकारी अवश्य होनी चाहिए। जिससे आप आंनद पूर्वक अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
- लक्ष्मणगढ़ का किला
शेखावाटी स्थित लक्ष्मणगढ़ किला अपनी अद्भुत संरचना तथा आकर्षण के लिये प्रसिद्ध है। लगभग 200 साल पुराना बने इस किले की ऊंचाई इतनी है कि यह शहर की किसी भी जगह से दिखाई देता है। यह किला बिखरी चट्टानों पर बनाया गया है जिस कारण यह किला अन्य किलों से काफी अलग दिखता है। किले के अंदर एक सुंदर बगीचा है तथा किले के सबसे ऊपर एक मंदिर है। जहां पहुंच कर आपको बेहद ही शांति तथा सुकून का अनुभव होगा। पर्यटकों की यह सबसे पसंदीदा जगह है।
- ले प्रिंस हवेली
इस हवेली का भी अपना विशेष इतिहास रहा है। प्राचीन हवेली होने के कारण यह हवेली खंडहर जैसी जीर्ण हो गई थी। तब इस हवेली को एक फ्रांसीसी डिजाइनर द्वारा दोबारा बनाया गया था। उसने नादीन ले प्रिंस हवेली के नाम से इस हवेली का पुनर्निर्माण किया। शहर के बीच स्थित इस हवेली में जाकर आपको अलग ही अनुभव प्राप्त होगा। क्योंकि यहाँ पर राजस्थानी भोजन के साथ ही फ्रांसीसी भोजन भी परोसा जाता है। जो आपको बेहद शानदार अनुभव प्रदान करेगा। आप जब भी राजस्थान आएं तो इस हवेली की सैर करना ना भूलें।
- मंडावा किला
शेखावाटी के प्रसिद्ध किलों में एक मंडावा किला भी है। मंडावा किला अब बेहद ही शानदार होटल के रूप में परिवर्तित हो चुका है। इस होटल में राजस्थानी शैली तथा मुगल शैली का अद्भुत मिश्रण है। इसके अंदर आपको राजस्थान की प्राचीन कलाकृतियों को देखने का भी अवसर प्राप्त होगा। साथ ही इस हवेली में मौजूद कई सुंदर चित्रित हवेलियां आपका मन मोह लेगी। यह मंडावा किला वास्तव में काफी आलीशान रूप में बनाया गया है।
- नवलगढ़
शेखावाटी में इसी क्रम में घूमने योग्य स्थान नवलगढ़ भी है। जो झुंझुनूं शहर से 30 किमी दूरी पर स्थित है। नवलगढ़, राजस्थान के शेखावाटी व्यवसायी परिवारों की भूमि है। जिसे हवेलियों की भूमि का नाम भी दिया जाता है। यहाँ दो किलें हैं, एक शीश महल तथा दूसरा निवास पैलेस। इन दोनों ही किलों के अंदर कला का अत्यंत ही सकारात्मक दृश्य मौजूद है। एक कला प्रेमी को नवलगढ़ के इन दिनों किलों का दर्शन करना यादगार रहेगा।
- चूरू
राजस्थान के ऐतिहासिक स्थल शेखावाटी में डेजर्ट गेटवे टू थार के नाम से अपनी पहचान बनाने वाला चूरू रेगिस्तान के सुनहरे रेत के टीलों के बीच में है। चूरू में स्थित 400 साल पुराना किला सर्वाधिक प्रसिद्ध स्थल है। वास्तुकला के लिए यह स्थल पर्यटकों के बीच काफी पसंद किया जाता है। चूरू जिले में रतनगढ़ के पास सालासर बाला जी धाम भी है। जहाँ देश के कोने कोने से लोग आते हैं। तथा बालाजी की कृपा को प्राप्त करते हैं। धार्मिक स्थल सालासर बालाजी धाम का रहस्य अत्यंत पुराना है।
- बादलगढ़
शेखावाटी क्षेत्र के झुंझनू जिले में बादलगढ़ नाम का ऐतिहासिक किला है। जिसका निर्माण 16 वीं शताब्दी के प्रारंभ में एक मुस्लिम शासक नबाब फजल खान के शासनकाल के दौरान किया गया था। बादलगढ़ का किला पहाड़ी के ऊपर स्थित है तथा यहाँ के आस पास का वातावरण हरियाली भरा है। तो यदि आप हरियाली को पसंद करते हैं और प्रकृति के सौन्दर्य को देखने के शौकीन है तो बादलगढ़ किला अवश्य घूमने जाएं।
- सीकर पर्यटन
शेखावाटी के प्रमुख जिलों में से एक सीकर भी है। यहाँ मौजूद किले आपको निराश नहीं लौटने देंगे। यहाँ आपको अपने यादगार क्षणों को कैमरे में कैद करने के लिए अनोखे दृश्य मिलेंगे। यहाँ बनी हुई हवेलियां तथा किले पर्यटकों को काफी पसंद आते हैं।
- पिलानी
पिलानी शहर राजस्थान में शेखावाटी क्षेत्र में ही स्थित है। यहाँ बिट्स पिलानी नाम से स्थापित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान होने के कारण इस शहर का नाम पूरे देश में प्रसिद्ध है। पिलानी में शिव गंगा, सरस्वती मंदिर तथा पंचवटी जैसे कई स्थल मौजूद है।
- घूमने का उचित समय
सामान्य तौर पर कहा जाए तो शेखावाटी क्षेत्र में आप कभी भी यात्रा कर सकते हैं। गर्मियों के मौसम में यहाँ का तापमान अधिक गर्म हो जाता है। इसलिए सर्दियों के मौसम में आप यात्रा का सुखद अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। शेखावाटी घूमने का सही समय अक्टूबर से मार्च तक का है, जिसमें आप पूरी तरह यात्रा आंनद उठा सकते हैं।
- शेखावाटी कैसे पहुंचे
हवाई यात्रा
यदि आप हवाई यात्रा के माध्यम से शेखावाटी पहुंचना चाहते हैं तो शेखावाटी से सबसे निकटतम हवाई अड्डा लगभग 150 किमी दूर जयपुर है। जो देश-विदेश के अधिकतर शहरों से जुड़ा हुआ है। हवाई अड्डा पहुंच कर आप शेखावाटी जाने के लिए टैक्सी या बस ले सकते हैं।
रेल यात्रा
दिल्ली तथा जयपुर से शेखावाटी जाने के लिए ट्रेन उपलब्ध हैं। आप जयपुर तथा बीकानेर पहुंच कर शेखावाटी के लिए टैक्सी या बस पकड़ सकते हैं। इसके बाद आप आराम से टैक्सी या पर्सनल गाड़ी से अपनी पर्यटन यात्रा का लुत्फ उठा सकते हैं। आप राजस्थान में ही निवास करते हैं तो आसानी से शेखावाटी घूमने जा सकते हैं।




