युवा जिंदगी और…

मेरा मन बड़ा विचलित हो जाता है जब मैं कभी अखबार में कुछ अजीब या विचित्र या कह सकते हैं जब मैं कुछ उल्टा सीधा पड़ता या गलत पढ़ता हूं तब मैं सोचता हूं कि यह कैसे हो जाता है यह कैसे हो सकता है फिर मैं सोचता हूं कि इस चीज को इस आदत को इस खराब आदत को हम समाज से हटा कैसे सकते हैं इन लोगों को सुधार कैसे सकते हैं और इस राह में समाज में जागरूकता कैसे बनाया जा सकता है और उसके लिए क्या-क्या किया जा सकता है यह मेरी धारणा बन जाती है उस अखबार में छपे आर्टिकल/लेख को पढ़ने के बाद…

कुछ समाचार पत्र उस चीजों को कैसे बताते हैं उनकी कुछ मुख्य बिंदुओं में आप लोगों के साथ शेयर करता हूं या सिर्फ टाइटल में देना चाहता हूं तो सुनिए, लड़कों ने आज यह किया, लड़कियों के साथ आज यह हो गया, किसी के साथ कुछ गलत हुआ किसी के साथ कुछ और ज्यादा गलत हो गया, इस छोटी बच्ची के साथ गलत हुआ, किसी बड़ी औरत के साथ कुछ गलत हुआ। यह कैसे हॊ जाता है। लड़कों में कैसे इसको हम सुधार सकते हैं। इसमें दिखाना चाहता हूं बताना चाहता हूं आप लोगों से कौन है जो इनको मौका देते हैं। इनको मौका देती है हमारी शिष्ट समाज की  पाबंदियां या यूं कहिए जो नियम कानून समाज ने बना दिए हैं, उनके हिसाब से इनके पास एक बल मिल जाता है इन को एक मौका मिल जाता है कुछ गलत करने का कि उनके साथ कुछ गलत नहीं होगा किसी और के साथ गलत करने के बावजूद इनके साथ पूरा समाज खड़ा है। ऐसा होता क्यो है, रूढ़िवादी  विचार बनाया है जिसमें हम महिलाओं को कोई स्थान नहीं देना चाहते हैं हम उनकी राय नहीं जानना चाहते हैं हम उन्हें बस एक खेल का या यूं कह सकते हैं इंटरटेनमेंट का जरिया बना दिया हैं। ऐसा नहीं है जितना आप इस समाज के लिए अभिन्न अंग है उतना ही महिलाऐं और इसी सोच के कारण हम उनके साथ हुई घटनाओं पर ज्यादा जोर नहीं देते हैं और यह बढ़ते जाते हैं अपराधिक मानसिकता के लोग होते हैं, वह बेखौफ होते चले जाते हैं

चले हम घर की बात करते हैं तो घर में एक बेटा होता है उसे हम कुछ नहीं कहते हो दिन भर वैसे ही कुछ भी हरकत करे बाहर से लड़ाई झगड़ा करके आए दोस्तों के साथ कुछ भी करें हम सुनते हैं लेकिन हम उसको छोड़ देते हैं बच्चा समझकर उसके गलतियों पर पर्दा डालते रहते हैं, और यही कारण होता है वह बच्चा आगे जाकर कुछ बड़ा अपराधी बन जाता है वही बेटी अगर ऐसा कुछ करती है या कुछ नहीं करती है तो उसको इतनी हमने सुना दी होती की बेटी भी चली जाती है और अपने साथ हुई चीजों को नहीं बता पाती क्योंकि उसके साथ हुई चीजों पर कोई भरोसा नहीं करेगा और उसका कोई साथ नहीं देगा। अब सवाल आता है कि इन्हें सुधारा कैसे जाए उन्हें समझाया कैसे जाए यह पूरी जिम्मेदारी किसकी है कौन है इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाए। तो जिम्मेदारी बनती है मां बाप की उन अभिभावकों की, उन बड़े लोगों की, जो एक बच्चे को बिगाड़ने में अपना हाथ या सहयोग देते हैं, उन्हें अपनी दिनचर्या में कुछ छोटे-छोटे बदलाव करके आप बच्चे को सिखा सकते हैं कि जिंदगी में सफल बनना उतना जरूरी नहीं है जितना कि एक सही व्यक्ति बनना जरूरी है क्योंकि सफल व्यक्ति बनने से ज्यादा जरूरत है बेदाग छवि वाला व्यक्ति बनना… 

आपने देखा होगा भारत में  एक मूवमेंट चालू हुआ था, उसमें दो सौ चेहरे बेदाग छवि के थे बहुत सफलता अपनी जिंदगी में कमायी थीं धोखे सें उनके असली चेहरे को समाज के सामने लाकर रख दिया। सफल बनने से ज्यादा जरूरी है कि आप अपने जीवन में सही व्यक्ति कैसे बनेंगे यह सारी जिम्मेदारी मां बाप की होती है मां बाप कैसे करें। जो मां बाप हैं वह कैसे अपने बच्चों को और अपने आप को सुधार सके। आप लोगों के साथ यहां बताऊंगा आप उसको एक बार देख ले और यह करके आप अपने बच्चों को एक सही दिशा प्रदान कर सकते हैं। आप घर में कैसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं उस पर खासा ध्यान दें। आप‌ अपने से बड़े लोगों को कैसे इज्जत दे रहे हो छोटे को कैसे प्यार दे रहे हैं यह भी आपका बच्चा देखता है। आपका बच्चा आपको कॉपी करता है आपकी नकल उतारता है वही अपनी जिंदगी में आगे जाकर ऐसा करेगा। आप अपनी पत्नी को अपने बच्चों को मारने के पहले 2 बार सोचे कि अगर मैं हाथ उठा लूंगा, तो कल के दिन यह लोग आगे जाकर भी किसी और के ऊपर हाथ उठाएंगे तो यह ध्यान जरूर दीजिए आप को आपके पति पत्नी के आपसी मसले अपने रूम में जाकर आप डिस्कस करें और वहीं पर उसका निपटारा करें, बच्चों के सामने यह सब ड्रामा न करें।

आप घर में टीवी चला रहे हैं तो आप ध्यान दें आप टीवी में क्या चला रहे हैं जब आप बच्चों और परिवार के साथ बैठे है तो सही चैनल का प्रयोग करें सही चैनल चलाएं आपका बच्चा देखेगा मां बाप को कोई शर्म नहीं है तो आगे से बच्चा भी कुछ देखेगा जिसमें उसको शर्म नहीं आऐगी, बच्चों को खोलना जरूरी पर उनके सामने खुलकर करना जरूरी नहीं है, यह बहुत गलत आदत है बच्चे सीखते हैं और अगर आप टोकेगे तो फिर आपको भी सीखा सकते हैं। आप अपने बच्चों पर पूरी तरह से ध्यान दें कि आपका बच्चा क्या करता है क्या नहीं करता अगर आप उसे मोबाइल दे रहे हैं तो उस पर भी खास ध्यान दें, मोबाइल में बच्चा आपका क्या देख रहा है क्या नहीं देख रहा है, आप उसके दोस्तों के बारे में पूरी जानकारी रखें, आप का बच्चा कहां जाता है कहां आता है किसके साथ जाता किसके साथ आता है सारी जानकारी आप लोग को रखनी है, इससे आप बता सकते आपका बच्चा सही है गलत है एक बार आपका बच्चा जरूर नाराजगी जताएगा पर धीरे धीरे समझ जाएगा कि मां-बाप उसके भले के लिए सब यह सब करते हैं और उसको एक अच्छा इंसान बनाना चाहते हैं, हर चीज हर समय उसको एक ही सीख देते रहे, कि बेटा आपको एक बेदाग छवि वाला इंसान बनकर पूरी जिंदगी काटनी है या बितानी है और जिंदगी में सफल होना है।

मैं आशा करता हूं कि इनमें से कोई लाइन आपको नुकसान नहीं पहुंचाएगी। आप इसको अपने जीवन में एक बार उतारकर जरूर कोशिश करें, जीवन में बदलाव आएगा। आप अच्छा फील करेंगे बच्चा भी अच्छा फील करेगा, और आप एक सही दिशा में अपने आप को और अपने बच्चे को जरूर बढ़ते हुए देख पाएंगे।

धन्यवाद…

विशिखा मीडिया

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