इलेक्टोरल बॉन्ड से चुनावी चंदे का राज सार्वजनिक

चुनाव आयोग ने सार्वजनिक की इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी, 25 राजनीतिक दलों को 127 अरब 69 करोड़ 8 लाख 93 हजार रुपए मिले

राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत चुनाव आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक द्वारा उसे दिए गए चुनावी बॉन्ड का विवरण सार्वजनिक कर दिया है। यह विवरण सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित समय सीमा से एक दिन पहले गुरुवार को ही अपलोड किया गया है। इसमें देश के 25 राजनीतिक दलों को 127 अरब 69 करोड़ 8 लाख 93 हजार रुपए मिले हैं। पांच मूल्य वर्ग में बॉन्ड खरीद गए हैं। इसमें न्यूनतम ट्रांजक्शन 1 हजार और अधिकतम 1 करोड़ रुपए का है। बाकी 10 हजार, 1 लाख और 10 लाख रुपए के मूल्यवर्ग में बॉन्ड खरीदे गए।

राजनीतिक दलों में सबसे ज्यादा पैसा करीब 60.60 अरब रुपए भारतीय जनता पार्टी को मिला है। जबकि दूसरे नम्बर पर ऑन इंडिया तृणमूल कांग्रेस पार्टी है, जिसे 16.09 अरब रुपए मिले। वहीं, कांग्रेस के खाते में 14.21 अरब रुपए गए है। तृणमूल कांग्रेस पार्टी तो कांग्रेस से भी आगे निकल गई। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दो सूचियां अपलोड की गई हैं। पहला उन कंपनियों का है जिन्होंने मूल्य और तारीखों के साथ चुनावी बांड खरीदे। दूसरे में राजनीतिक दलों के नाम के साथ-साथ बांड के मूल्य और उन्हें भुनाए जाने की तारीखें भी हैं। हालांकि, यह पता लगाने का कोई तरीका नहीं है कि किस कंपनी ने किस पार्टी को दान दिया था।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआइ को मंगलवार तक डेटा चुनाव आयोग को सौंपने का आदेश दिया था और ऐसा करने में विफल रहने पर अवमानना कार्यवाही की चेतावनी दी थी। अदालत ने बैंक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को आदेश के अनुपालन के बाद हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया था। बैंक ने कहा था कि राजनीतिक दलों ने 22,030 बांड भुनाए थे जबकि शेष 187 बांड भुनाए नहीं गए थे और नियमों के अनुसार पैसा प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय राहत कोष में जमा कर दिया गया था।

– भाजपा को सबसे ज्यादा 60.60 अरब रुपए मिला, जो कुल मूल्य बॉन्ड का 47 % हिस्सा
– दूसरे पर टीएमसी और तीसरे नम्बर पर कांग्रेस
– गोआ फोरवर्ड पार्टी के तिजोरी में सबसे कम 35 लाख रुपए आए
– किस कंपनी ने किस पार्टी को कितना दान दिया, यह खुलासा नहीं

राजनीतिक दल जिन्हें ज्यादा दान मिला

1. भारतीय जनता पार्टी- 60.60 अरब- 47 %
2. ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस- 16.09 अरब- 13 %
3. अध्यक्ष, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी- 14.21 अरब- 11 %
4. भारत राष्ट्र समिति- 12.14 अरब- 10 %
5. बीजू जनता दल- 7.75 अरब- 6 %
6. डीएमके पार्टी इन पाॅर्लियामेंट- 6.39 अरब- 5.004 %
7. वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (युवाजन श्रमिकार)- 3.37 अरब- 2.63 %
8. तेलूगूदेशम पार्टी- 2.18 अरब – 1.71 %
9. शिवसेना- 1.59 अरब – 1.24 %
10. राष्ट्रीय जनता दल- 72.50 करोड़ – 0.56 %
11. आम आदमी पार्टी- 65.45 करोड़ – 0.51 %

इन पांच पार्टियों को सबसे कम पैसा मिला

1. गोआ फोरवर्ड पार्टी- 35 लाख
2. नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र प्रदेश- 50 लाख
3. जम्मू एंड कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस- 50 लाख पए
4. महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी- 55 लाख
5. सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट- 5.50 करोड़

10 कंपनी, जिन्होंने सर्वाधिक पैसा दिया

1. फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज- 12.08 अरब – 9.93 %
2. मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर्स लि.- 8.21 अरब- 6.74 %
3. क्विक सप्लाई चेन प्रा.लि. – 4.10 अरब- 3.37 %
4. हल्दिया एनर्जी लि. – 3.77 अरब- 3.10 %
5. वेदांता लिमिटेड- 3.75 अरब- 3.09 %
6. ईएसएसईएल माइनिंग एंड इंडस लि. – 2.24 अरब- 1.84 %
7. वेस्टर्न अप पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी- 2.20 अरब- 1.81 %
8. केवेन्टर फूडपार्क इन्फ्रा लि.- 1.95 अरब- 1.60 %
9. मदनलाल लिमिटेड- 1.85 अरब – 1.52 %
10. भारती एयरटेल- 1.83 अरब – 1.50 %

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