सुप्रीम कोर्ट ने आज अहम सुनवाई में नीट पेपर लीक मामले में CBI जांच वाली याचिका खारिज नहीं की है. कोर्ट 8 जुलाई को इस मामले पर सुनवाई करेगी.
नीट परीक्षा परिणाम मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने आज भी अहम सुनवाई की. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की वेकेशन बेंच ने सीबीआई जांच की अर्जी खारिज करने से इनकार कर दिया है. कोर्ट 8 जुलाई को सीबीआई जांच की मांगा वाली याचिका पर सुनवाई करेगा. हालांकि कोर्ट एक बार फिर दोहराया है कि नीट यूजी की काउंसलिंग निर्धारित समय पर चलेगी, उस पर कोई रोक नहीं लगेगी. सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षाओं को लेकर अन्य याचिकाओं पर भी एनटीए और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है.
दरअसल, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने विभिन्न हाई कोर्ट में नीट को लेकर दाखिल याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर कराने की अर्जी लगाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की याचिका पर पक्षों को नोटिस जारी किया है, जिसमें देशभर के उच्च न्यायालयों से याचिकाओं को शीर्ष अदालत में स्थानांतरित करने की मांग की गई है. नीट यूजी 2024 से जुड़े सभी मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट 8 जुलाई को सुनवाई करेगा.
बिहार पेपर लीक मामले का क्या हुआ?
5 मई को आयजित हुई नीट परीक्षा में बिहार पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था. इसके बाद पुलिस की जांच में पेपर लीक को लेकर कई तथ्य सामने आए. बिहार पुलिस ने कहा कि आरोपियों से पहले ही आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं. जांच से पता चला है कि 5 मई की परीक्षा से पहले लगभग 35 उम्मीदवारों को NEET-UG के प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे. पुलिस ने कहा कि अभी तक ये ही साफ नहीं हो पाया है कि क्या वो लीक पेपर था या नहीं, क्योंकि इसको लेकर NTA ने कोई जवाब नहीं दिया है.
बिहार पुलिस ने कैसे लगाया पेपर लीक का पता?
पुलिस ने पेपर लीक मामले में सबसे पहले सिकंदर नाम के शख्स को पकड़ा था उसके बारे में बिहार पुलिस को इनपुट मिला था. आरोपियों ने कई सेंटरों और सेफ हाउस में पेपर सॉल्वर बिठाए थे. इनके पास पहले से ही प्रश्नपत्र मौजूद थे. जूनियर इंजीनियर सिकंदर प्रसाद यादवेंदु को अखिलेश और बिट्टू के साथ शास्त्रीनगर पुलिस ने बेली रोड पर राजवंशी नगर मोड़ पर नियमित जांच के दौरान गिरफ्तार किया था. इनके पास से कई नीट प्रवेश पत्र मिले थे. यादवेंदु द्वारा बताए गए इनपुट के आधार पर छापेमारी के बाद आयुष, अमित और नितिश को गिरफ्तार किया गया. इसके बाद पेपर लीक को लेकर बिहार के नालंदा के संजीव सिंह को भी गिरफ्तार किया गया.



