रिटायर्ड आईएएस की पत्नी की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा

यूपी की राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर के सेक्टर 20 में 25 मई को रिटायर्ड आईएएस अफसर देवेंद्र दुबे की पत्नी मोहिनी दुबे (58) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्याकांड में ड्राइवर अखिलेश यादव, उसका भाई रवि और उसके साथी रंजीत को गिरफ्तार किया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि अखिलेश ने बताया कि उसने गहनों से भरा बैग कुकरैल बंधे के पास झाड़ियों में छिपाया है। इसलिए पुलिस की एक टीम दोपहर करीब एक बजे उसको लेकर बंधे के पास जंगल में ले गई। इसी दौरान उसने अपना बैग उठाया और उसमें से तमंचा निकालकर फायर कर दिया। वहां से भागने की कोशिश की। तब पुलिस ने जवाबी कार्रवाई कर उसको गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गया।
हीरों के जेवरात और विदेशी करेंसी मिली
अखिलेश को पता था कि कीमती जेवरात कहां रखे हैं, इसलिए उसने वही अलमारियां खोली थीं। जेवरात में सबसे अधिक हीरे के जेवरात थे। एक एक हीरे के जेवरात आरोपी बटोर ले गए थे। साथ ही 100 अमेरिकन डॉलर के 15 नोट, सिंगापुर के सात डॉलर, यूके दस पाउंड, मलेशिया करेंसी का एक नोट, दस स्वीस डॉलर आदि भी बैग से बरामद हुए। वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी पुलिस ने बरामद कर ली है।
जेवरात के होने थे तीन हिस्से
अखिलेश वारदात का मास्टरमाइंड है। वह और उसका भाई दोनों 13 साल से देवेंद्र के घर पर काम कर रहे थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि लूटे गए जेवरात के तीन हिस्से होने थे। अखिलेश, रवि और रंजीत के बीच हिस्से बंट जाते। मगर उसके पहले ही पुलिस ने धरकपड़ शुरू कर दी। इसलिए बंटवारा नहीं हो सका था। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर भी लिया जाएगा। बरामद बैग से डीवीआर भी बरामद हुई है। वारदात के बाद बदमाश फुटेज किसी को न मिलें, इसलिए डीवीआर और सीसीटीवी कैमरे उखाड़ कर ले गए थे।
जान से मार देना, छोड़ना मत
वारदात की साजिश अखिलेश ने रची। जब उसने रवि से इस बारे में कहा तो वह तैयार हो गया। इसमें उसे एक और साथी की जरूरत थी। तब उसने घोसियाना कैंट निवासी दोस्त रंजीत को साजिश में शामिल किया। उसे भी पैसों की जरूरत थी। आरोपियों ने बताया कि रवि ने कहा था कि केवल लूट करोगे तो मोहिनी पहचान जाएगी, जिससे सभी पकड़े जाएंगे। इस कारण उसने कहा था कि मोहिनी को हर हाल में मार देना, छोड़ना मत। अखिलेश और रंजीत ने वही किया। अखिलेश और रंजीत ने मोहिनी को बेरहमी से मारा। पूछताछ में खुद अखिलेश ने बताया कि जैसे ही रंजीत ने पेंचकस मारा और उसने गला कसना शुरू किया, मोहिनी बोल पड़ीं, तुम ऐसा क्यों कर रहे हो अखिलेश…। जो तुमको चाहिए वह ले लेना… मुझे मत मारो… मैं तुमको अपने बच्चे की तरह मानती हूं। अखिलेश ने कहा, उसने मोहिनी की बातों को सुनकर भी नजरअंदाज कर दिया। पहले से तय किया था कि उन्हें मार देगा, इसलिए वही किया। यह भी डर था कि मोहिनी बच जाती तो उनकी पहचान हो जाती। इस पर जब पुलिस अफसर ने कहा, तुम तब भी नहीं बचे। इस पर अखिलेश बोला, जो सोचा था वह नहीं हो सका। अब जो हो गया सो हो गया। आपको बता दें कि लखनऊ के इंदिरानगर के सेक्टर-20 में शनिवार सुबह बदमाशों ने दिनदहाड़े घर में घुसकर सेवानिवृत्त आईएएस देवेंद्र दुबे की पत्नी मोहिनी दुबे की हत्या कर लूटपाट की थी। देवेंद्र गोल्फ खेलकर घर पहुंचे तो पहली मंजिल पर पत्नी का शव पड़ा देखा। दुपट्टे से गला कसा था और सिर पर भारी चीज से वार किया गया था।
2007 में मोहिनी से की थी दूसरी शादी
देवेंद्र की पहली पत्नी मीना की 2004 में मौत हो गई थी। 2007 में उन्होंने कैंट सदर निवासी मोहिनी से दूसरी शादी की। मोहिनी महिला सशक्तीकरण संबंधी एनजीओ चलाती थीं। देवेंद्र 2009 में सेवानिवृत्त हुए थे। देवेंद्र के पहली पत्नी से दो बेटे हैं। जिसमें बड़ा बेटा प्रांजल है। जो परिवार के साथ नोएडा में रहते हैं। पिता के दूसरी शादी करने के बाद से एक तरह से उन्होंने खुद को अलग कर लिया था। पिता से मतलब नहीं रखते हैं। वहीं छोटा बेटा प्रतीक तकरोही में रहते हैं। एसीपी गाजीपुर के मुताबिक शराब के लती प्रतीक को देवेंद्र ने बेदखल किया है। मोहिनी से देवेंद्र को कोई बच्चा नहीं है।

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