प्रयागराज में दीवारों पर उकेरा जायेगा महाकुंभ का महत्व व इतिहास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार संगम नगरी प्रयागराज में 2025 में होने वाले महाकुंभ को यादगार बनाने के लिये दीवारों पर महाकुंभ मेले का इतिहास व महत्व उकेरा कर पर्यटकों को आकर्षित किया जायेगा। इसके अलावा एक ही थीम पर सभी प्रमुख सड़कों का सुंदरीकरण किया जाएगा। मुख्य चौराहों पर प्रयागराज की संस्कृति और इतिहास को दर्शाती मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। महाकुंभ मेले के लिए 36 चौराहों को सजाया जाएगा। महाकुंभ को भव्य बनाने के लिए प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात की अध्यक्षता में मेला प्राधिकरण के अधिकारी पूरे मनोयोग से काम कर रहे हैं। प्रमुख सचिव लगातार महाकंुभ मेला के लिए सड़कों के सुंदरीकरण, लाइटिंग, वाल पेंटिग, मूर्तियांे की स्थापना, साइनेज और हार्टिकल्चर परियोजना की समीक्षा कर रहे हैं। उनकी तरफ से निर्देश जारी किये गये हैं कि सड़कों का सुंदरीकरण एक ही थीम पर किया जाए। स्ट्रीट लाइटें व एक ही प्रकार के हरियाली वाले तथा फूलों के पौधे लगाए जाएं। इसी के साथ प्रमुख सड़कों को नया रूप दिया जाएगा और सड़क के किनारे स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। मुख्य चैहरों पर प्रयागराज की संस्कृति और इतिहास को दर्शाती मूर्तियों की स्थापना की जाएगी। शहर में नए साइनेज बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही 15 सार्वजनिक स्थानों का सुंदरीकरण, दो स्थानों पर मूर्तियों की स्थापना की जाएगी।
उधर, नमामि गंगे मिशन ने प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ के मद्देनजर बुनियादी ढांचों के निर्माण के लिए 211.08 करोड़ की तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। देवबंद में इंटरसेप्शन , डायवर्जन और एसटीपी कार्यों के लिए 134.71 करोड़ व लखनऊ के बरिकला में स्थित एसटीपी की क्षमता को बढ़ाने के लिए 27.02 करोड़ रूपये की मंजूरी दी गई है। यह निर्णय राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की कार्यकारी समिति द्वारा लिया गया। स्वच्छता संबंधित सुविधाओं के लिए 152.37 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इस राशि से तीर्थ यात्रियों के लिए 54,400 शौचालयों का निर्माण करवाया जाएगा।
अजय कुमार, लखनऊ

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