लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर में तीन मंजिला इमारत गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। एफआईआर में लगाए गए आरोपों के अनुसार, इमारत के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था, जिससे इमारत कमजोर होकर ढह गई। मुनाफे के लिए गुणवत्ता से समझौता किया गया था।
शुरुआती जांच में पता चला कि आसपास काम करने वाले लोगों को इमारत के जर्जर होने की जानकारी हो गई थी और उन्होंने बिल्डिंग मालिक को इसकी मरम्मत करवाने की अपील भी की थी। लेकिन मालिक ने मरम्मत कराने से इनकार कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप यह हादसा हुआ। इस हादसे में आठ लोगों की जान चली गई और करोड़ों की संपत्ति नष्ट हो गई। कई लोग इस इमारत में दुकान किराए पर चलाते थे, और हादसे में उनका सारा सामान भी बर्बाद हो गया। पीड़ितों का कहना है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद बिल्डिंग मालिक ने मरम्मत नहीं करवाई, जिससे इतना बड़ा हादसा हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इमारत की मालिक कुमकुम सिंघल हैं, लेकिन मामला उनके पति राकेश सिंघल के खिलाफ दर्ज किया गया है, जो इमारत के सभी कामकाज संभालते थे। दंपति लखनऊ के आशियाना में रहते हैं। इमारत का नक्शा कुमकुम सिंघल के नाम से पास हुआ था, लेकिन शुरुआती जांच के आधार पर एफआईआर राकेश सिंघल पर दर्ज की गई है। पुलिस अब आगे की कार्रवाई में लगी हुई है।
उधर, योगी सरकार ने इस बिल्डिंग हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता गृह विभाग के सचिव डॉ. संजीव गुप्ता करेंगे। टीम को जल्द से जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
यह घटना शनिवार शाम को हुई, जब बारिश के दौरान ट्रांसपोर्ट नगर में शहीद पथ के पास स्थित यह तीन मंजिला इमारत अचानक गिर गई। हादसे में एक कारोबारी सहित आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि मलबे में दबे 28 लोगों को बचाकर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें से 3 की हालत गंभीर है और उनका इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, दमकल और पुलिस की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई थीं।
लखनऊ बिल्डिंग हादसे में क्वालिटी से किया गया था समझौता, जाँच में सामने आयी खामियां






