कर्नाटक में इन दिनों एक ‘अजीबोगरीब’ सियासी घटनाक्रम देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे हुए हैं और विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है, वहीं कांग्रेस के कई नेता खुले तौर पर राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जता रहे हैं।
राज्य के डिप्टी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान किसी से छिपी नहीं है, लेकिन अब इस सूची में कई नए नाम सामने आ रहे हैं। कर्नाटक के मंत्री शरणप्पा दर्शनपुर ने कहा कि, ‘अगर हाईकमान चाहेंगे तो मैं मुख्यमंत्री बन सकता हूं।’ लघु उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्री ने कहा, ‘पार्टी में 136 विधायक हैं और सभी मंत्री बनने के योग्य हैं। लेकिन जनादेश केवल 33 सदस्यों को मंत्री बनाने का है। इसका मतलब यह नहीं है कि अन्य योग्य नहीं हैं। एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनना है। अगर पद खाली होगा और हाईकमान मुझे मुख्यमंत्री बनने के लिए कहेगा तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है, मैं तैयार हूं।’
इसके अलावा, शरणप्पा अकेले कांग्रेसी नेता नहीं हैं जिन्होंने मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई है। कई नेताओं ने इस मुद्दे पर बयान दिए हैं और कुछ के समर्थक सोशल मीडिया पर अभियान चला रहे हैं।
सतीश जारकीहोली के समर्थक उन्हें राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं। बेलागावी में उनके समर्थन में सोशल मीडिया और अखबारों में प्रचार किया जा रहा है। सतीश जारकीहोली के समर्थकों ने एक अभियान शुरू किया है, जिसमें प्रमुख अखबारों में विज्ञापन देकर उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की वकालत की जा रही है।
कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल भी इस रेस में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के निर्णय पर सीनियर या जूनियर का सवाल नहीं उठता और एक दिन वह इस पद पर जरूर आसीन होंगे। फिलहाल, यह पद खाली नहीं है, और शिवानंद पाटिल के लिए यह अवसर अभी दूर है क्योंकि वे जेडीएस/बीजेपी से आए हैं।
सिद्धारमैया सरकार पर कथित मुडा घोटाले समेत कई मामलों में सवाल उठ रहे हैं, और विपक्ष लगातार उनके इस्तीफे का दबाव बना रहा है। विधानसभा में विपक्ष ने धरना भी दिया है, लेकिन सिद्धारमैया अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते रहे हैं।
कर्नाटकः मुख्यमंत्री पद की लड़ाई में खड़ा हुआ तीसरा दावेदार, कहा- आलाकमान कहे, तो मैं मुख्यमंत्री बनने को तैयार





